comScore

2016 से पहले ट्रम्प ने 15 साल में से 10 साल का इन्कम टैक्स नहीं दिया

September 28th, 2020 11:01 IST
 2016 से पहले ट्रम्प ने 15 साल में से 10 साल का इन्कम टैक्स नहीं दिया

हाईलाइट

  • 2016 से पहले ट्रम्प ने 15 साल में से 10 साल का इन्कम टैक्स नहीं दिया

वाशिंगटन, 28 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2016 में चुनाव लड़ने से पहले के 15 साल में से 10 साल का आयकर भुगतान नहीं किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिस साल वे राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में आए और व्हाइट हाउस में रहने के पहले साल के दौरान उन्होंने केवल 750 डॉलर कर के तौर पर चुकाए।

द हिल समाचार वेबसाइट ने बताया कि न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने ट्रम्प के पिछले 20 सालों की ट्रम्प की कर संबंधी जानकारी का खुलासा किया है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा है कि उसने राष्ट्रपति के व्यक्तिगत और ट्रम्प ऑगेर्नाइजेशनके आयकर रिटर्न की 90 के दशक से समीक्षा की। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने 2016 और 2017 में केवल 750 डॉलर के आयकर का भुगतान किया। वहीं पिछले 15 सालों में से 10 साल में आयकर का भुगतान नहीं किया। ट्रम्प ने सूचना दी कि उन्होंने जितना धन कमाया उससे अधिक का नुकसान उठाया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक बयान में ट्रम्प संगठन के वकील एलन गार्टन ने कहा कि यदि सभी नहीं तो अधिकांश में ऐसा हुआ। पिछले एक दशक में राष्ट्रपति ट्रम्प ने संघीय सरकार को व्यक्तिगत करों के रूप में करोड़ों डॉलर का भुगतान किया है, जिसमें 2015 में उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद के भी व्यक्तिगत करों का भुगतान शामिल है।

बाद में एक व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान ट्रम्प ने आरोप से इनकार करते हुए रिपोर्ट को पूरी तरह से नकली बताया।

बीबीसी ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा, मैंने करों का भुगतान किया है और आप यह खुद देखेंगे। अभी मेरे टैक्स रिटर्न का ऑडिट चल रहा है।

उन्होंने कहा, आईआरएस (इंटरनल रेवेन्यू सर्विस) का मेरे साथ व्यवहार अच्छा नहीं है, वे मेरे साथ बहुत बुरा व्यवहार करते हैं।

बता दें कि ट्रम्प को अपने व्यवसाय संबंधी दस्तावेजों को साझा करने से इनकार करने के कारण कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने 1970 के दशक के बाद से अपना टैक्स रिटर्न सार्वजनिक नहीं किया है, वैसे कानूनी तौर पर ऐसा करना अनिवार्य नहीं है।

इस बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन के अभियान ने इस रिपोर्ट को लेकर ट्रम्प पर हमला बोला है। इसके अलावा डेमोक्रेट्स ने भी सोशल मीडिया के जरिए ट्रम्प के इस व्यवहार की आलोचना की है।

एसडीजे-एसकेपी

कमेंट करें
FpaZE
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।