दैनिक भास्कर हिंदी: एयर स्ट्राइक: ट्रंप ने सुलेमानी पर लगाया आरोप, बोले- दिल्ली हमले की रची थी साजिश

January 4th, 2020

हाईलाइट

  • 2012 में दिल्ली में इजरायली नेता की पत्नी पर हमला हुआ था
  • इजरायल प्रधानमंत्री ने भी ईरान पर हमले का आरोप लगाया था
  • युद्ध शुरू करने के लिए नहीं, खत्म करने के लिए कार्रवाई की : ट्रंप

डिजिटल डेस्क, लॉस एंजेलिस। ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस पर नई दिल्ली में आतंकवादी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में अपने मार-आ-लागो रिसोर्ट में कहा कि 'सुलेमानी ने अपने पागलपन में निर्दोष लोगों की हत्या की। साथ ही उसने नई दिल्ली और लंदन में आतंकी हमलों की साजिश भी रची।'

 

 

युद्ध रोकने के लिए कार्रवाई की : ट्रंप
सुलेमानी को मारने के लिए मिसाइल हमले का आदेश देने के संबंध में ट्रंप ने कहा कि हमने युद्ध शुरू करने के लिए नहीं, बल्कि एक युद्ध को रोकने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि हम मैं ईरानी लोगों के प्रति गहरा सम्मान है। हम शासन में बदलाव की तलाश नहीं करते, हालांकि अपने पड़ोसियों को अस्थिर करने के लिए प्रॉक्सी फाइटर्स के प्रयोग समेत क्षेत्र में ईरानी शासन की आक्रामकता अब खत्म होना ही चाहिए।

सुलेमानी का आतंक खत्म हुआ : ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि 'आज हम सुलेमानी के अत्याचारों के शिकार हुए लोगों को याद करते हैं, सम्मानित करते हैं और हमें यह जानकर खुशी है कि अब सुलेमानी का आतंक खत्म हो गया है।' इस दौरान ट्रंप ने नई दिल्ली पर आतंकी साजिश रचने की बात खुलकर नहीं कही, लेकिन शायद वे साल 2012 में भारत में इजरायली राजनेता की पत्नी की कार पर हुए बम हमले का उल्लेख कर रहे थे।

ट्रंप ने भारत में किसी आतंकी साजिश का जिक्र कर रहे थे, इसका उल्लेख उन्होंने नहीं किया, लेकिन शायद वह 2012 में भारत में इजरायली राजनयिक की पत्नी की कार पर हुए बम हमले का उल्लेख कर रहे थे। बता दें 13 फरवरी, 2012 को कार में चुंबक के सहारे बम लगाकर किए गए हमले में ताल येहोशुआ कोरेन घायल हो गई थीं और उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी। इसके अलावा उनका ड्राइवर और घटनास्थल पर खड़े दो अन्य लोग भी घायल हो गए थे।

दिल्ली हमले पर इजराइल की प्रतिक्रिया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना पर कहा कि 'हमले के पीछे ईरान का हाथ था और इसी तकनीक का उपयोग कर जॉर्जिया में भी हमले की कोशिश की गई।' अब तक नई दिल्ली का मामला सुलझा नहीं है और भारत ने भी इस हमले का संबंध ईरान से नहीं बताया है। उस समय की खबरों के मुतबिक ईरान ने वह हमला तेहरान में उसके परमाणु वैज्ञानिक मुस्तफा अहमदी रोशन की हत्या के जवाब में किया था। परमाणु वैज्ञानिक की हत्या कथित रूप से इजरायल ने की थी।

भारतीय पत्रकार पर साजिश रचने का आरोप
भारतीय पत्रकार सैयद मोहम्मद अहमद काजमी को 2012 में ही 6 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उस पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। उसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत रखा गया। हालांकि अक्टूबर, 2012 में ही सुप्रीम कोर्ट ने  अहमद काजमी को विदेश नहीं जाने की शर्त पर जमानत दे दी थी।

तत्कालीन समाचारों के के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अहमद काजमी पर आरोप लगाया था कि उसने हमला करने वाले ईरानियों की देखभाल की थी। पुलिस के बयान के अनुसार हमले में शामिल 5 लोग इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स के सदस्य थे, जो दिल्ली आए थे। ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स कॉर्प्स की विशिष्ट इकाई कुद्स फोर्स के कमांडर था, लेकिन भारत में हुए हमले के दौरान उसका नाम सामने नहीं आया था।

इराक में शुक्रवार तड़के सुलेमानी की मौत के बाद ट्रंप ने कहा कि 'सुलेमानी अमेरिकी अधिकारियों और सैनिकों पर हमले की योजना बना रहा था, लेकिन हमने उसे पकड़ लिया और उसकी हत्या कर दी।' उन्होंने कहा कि 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स और उसकी क्रूर कुद्स फोर्स ने सालों तक सुलेमानी के नेतृत्व में सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों और कर्मियों को निशाना बनाया, उन्हें घायल किया और उनकी हत्या की है।'

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