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UK कोर्ट ने चौथी बार खारिज की नीरव की जमानत याचिका, 27 जून तक बढ़ाई कस्टडी

UK कोर्ट ने चौथी बार खारिज की नीरव की जमानत याचिका, 27 जून तक बढ़ाई कस्टडी

हाईलाइट

  • लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नीरव मोदी को चौथी बार जमानत देने से इनकार कर दिया
  • कोर्ट ने पीएनबी धोखाधड़ी के आरोपी की हिरासत 27 जून, 2019 तक बढ़ा दी है
  • मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई, 2019 को होगी

डिजिटल डेस्क, लंदन। लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गुरुवार को भगोड़े आर्थिक अपराधी नीरव मोदी को चौथी बार जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी के आरोपी की हिरासत 27 जून, 2019 तक बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई, 2019 को होगी।

48 वर्षीय व्यवसायी यूनाइटेड किंगडम में 13,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रत्यर्पण कार्यवाही का सामना कर रहा है। नीरव मोदी को 19 मार्च को हिरासत में लिया गया था। इससे पहले 8 मई को उसने वेस्टमिंस्टर कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी। हल्के नीले रंग की शर्ट और ट्राउजर पहने, नीरव वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बथनॉट के सामने पेश हुआ था।

डिफेंस टीम ने कोर्ट में नीरव मोदी की जमानत सुरक्षा को 2 मिलियन पाउंड तक बढ़ा दिया और उसके लंदन के फ्लैट में 24 घंटे कर्फ्यू में रहने की पेशकश भी की। बैरिस्टर क्लेयर मोंटगोमेरी ने लंबी सुनवाई के दौरान जज से कहा था, 'वंड्सवर्थ (जेल) में स्थितियां रहने लायक नहीं हैं... नीरव आपके द्वारा चुनी गई किसी भी शर्त का पालन करने के लिए तैयार है।' हलांकि मजिस्ट्रेट इससे आश्वस्त नहीं हुई थी।

मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बथनॉट ने कहा, यह एक बड़ा फ्रॉड है और सिक्यॉरिटी राशि को दोगुना कर 2 मिलियन पाउंड करना पर्याप्त नहीं है। यदि नीरव को जमानत दे दी जाती है और बाद में वह सरेंडर करने में विफल रहते हैं तो यह राशि पर्याप्त नहीं होगी। इससे पहले, क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने भारतीय अधिकारियों की ओर से बहस करते हुए कहा था कि नीरव मोदी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि डिफेंस की ओर से पेश किए गए सबूत काफी नहीं है कि तीसरा जमानती आवेदन दायर किया जा सके।

इससे पहले 29 मार्च को दूसरी बार नीरव मोदी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के टोबी कैडमैन ने कोर्ट में कहा था कि नीरव मोदी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि नीरव ने एक गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी दी है। इतना ही नहीं वह भारतीय एजेंसियों के साथ भी सहयोग नहीं कर रहा है। कैडमैन ने कहा था हो सकता है कि नीरव जमानत मिलने के बाद देश छोड़कर चला जाए। नीरव गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों को नष्ट करने का भी प्रयास कर सकता है।

29 मार्च को जमानत अर्जी खारिज होने के बाद 26 अप्रैल को वीडियोलिंक के जरिए नीरव के मामले की सुनवाई हुई थी। उस दिन नीरव ने जमानत अर्जी दाखिल नहीं की थी।

बता दें कि लंदन की सड़कों पर घूमते हुए देखे जाने के बाद नीरव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। नीरव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद 19 मार्च को उसे हिरासत में ले लिया गया था उसी दिन वह कोर्ट में भी पेश हुआ था।

ED और CBI मुंबई में पीएनबी की ब्रैडी हाउस ब्रांच में हुए 13,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की जांच कर रही है। इस घोटाले को अंजाम देने का आरोप हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी पर है। दोनों ही घोटाले को अंजाम देने के बाद देश से फरार हो गए थे। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।