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United Nations General Assembly: इधर पाक प्रधानमंत्री इमरान ने आरोप लगाना शुरू किया, उधर भारत ने किया वॉकआउट

United Nations General Assembly: इधर पाक प्रधानमंत्री इमरान ने आरोप लगाना शुरू किया, उधर भारत ने किया वॉकआउट

हाईलाइट

  • इमरान खान ने संबोधन के दौरान फिर कई झूठे आरोप लगाए
  • RSS पर लगाए गंभीर आरोप तो की नेहरू प्रशंसा की
  • भारत का जवाब: ऐसे देश से मानवाधिकारों पर सबक लेने की जरूरत

डिजिटल डेस्क, संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रतिनिधि ने शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का सम्बोधन शुरू होते ही महासभा से वॉकआउट कर दिया। इमरान ने जैसे ही अपना सम्बोधन शुरू किया, वह भारत के खिलाफ हमलावर हो गए। एसेम्बली चैम्बर की पहली कतार की दूसरी सीट पर बैठे फर्स्ट सेकेट्ररी मिजितो विनितो ने पहले अपनी सीट छोड़ दी। इमरान ने अपने सम्बोधन में पहले आरएसएस और फिर कश्मीर मुद्दे पर भारत पर हमले किए।

इस मामले पर भारत ने कहा कि 75वें संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाक पीएम का बयान झूठ, व्यक्तिगत हमले और बिना किसी प्रमाण का था। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ बोलने की बजाय केवल झूठ फैलाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने आगे कहा कि पाक को इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

इमरान खान ने भारत पर लगाए झूठे आरोप
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में पाक पीएम इमरान खान ने संबोधन के दौरान फिर भारत के खिलाफ जहर उगला और कई झूठे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भारत कश्मीर पर अवैध तरीके से कब्जा किया हुआ है और वहां के लोगों के मानवाधिकार का हनन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अल्पसंख्यकों पर भी अत्याचार कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र को इसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने अनुच्छेद 370 के खात्मे की चर्चा करते हुए कहा कि इससे कश्मीरी लोगों के अधिकारों को खत्म किया गया है।

RSS पर लगाए गंभीर आरोप तो की नेहरू की प्रशंसा
पीएम इमरान खान ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस गांधी और नेहरू के सेक्युलर मूल्यों को पीछे छोड़ भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। इमरान खान ने 2002 के गुजरात दंगों का भी जिक्र करते हुए कहा कि भारत में मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहा है।

भारत ने दिया जवाब
वहीं भारत ने भी पाकिस्तान को जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सत्र में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दुनिया को ऐसे देश से मानवाधिकारों पर सबक लेने की जरूरत नहीं है, जिसे नर्सरी और आतंकवाद के उपरिकेंद्र के रूप में जाना जाता है। संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार परिषद में संबोधित करते हुए जेनेवा में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव सेंथिल कुमार ने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ निराधार और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए हर अवसर का उपयोग करता है, जो उनके मन की नकारात्मकता को दिखाता है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 75 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान एक निम्न स्तर का कूटनीतिक कदम है - शातिर, असत्य, व्यक्तिगत हमलों से भरा हुआ। अपने स्वयं के अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न करने वाला पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहता है। भारत इसका करारा जवाब देने का हकदार है। संवैधानिक रूप से गैर-मुस्लिमों के साथ-साथ अहमदिया संप्रदाय के मुसलमानों को पूर्ण नागरिकता के अधिकारों से वंचित रखने वाले इस्लामी गणतंत्र के प्रधान मंत्री ने कहा कि भारत महात्मा गांधी के धर्मनिरपेक्षता को त्याग रहा है और हिंदुत्व राज्य की ओर बढ़ रहा है।

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