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सीरिया में जल्द शुरू होगा तुर्की का ऑपरेशन, अमेरिका ने वापस बुलाए अपने सैनिक

सीरिया में जल्द शुरू होगा तुर्की का ऑपरेशन, अमेरिका ने वापस बुलाए अपने सैनिक

हाईलाइट

  • अमेरिका की सेना ने सीरियाई शहरों में मोजूद अपनी दो ऑबजर्वेशन पोस्ट को खाली कर दिया
  • तुर्की के सीरिया में शुरू होने जा रहे ऑपरेशन के चलते अमेरिका ने ये कदम उठाया है
  • वर्तमान में 1,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक पूर्वोत्तर सीरिया में तैनात हैं

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका की सेना ने सोमवार को सीरियाई शहरों रास अल-ऐन और टेल अबीद में मोजूद अपनी दो ऑबजर्वेशन पोस्ट को खाली कर दिया। अमेरिकी सेना ने ये कदम तुर्की के राष्ट्रपति रेरिचप तैयब एर्दोगन के उस बयान के बाद उठाया है जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाले दिनों में वह सीरिया में सैन्य अभियान की शुरुआत करेगी।अमेरिका ने ऐलान किया है कि वह उत्तरी सीरिया में अंकारा के सैन्य अभियान में सहयोग नहीं करेगा।

इससे पहले व्हाइट हाउस के सचिव स्टेफेन ग्रीषम ने कहा था कि 'तुर्की जल्द ही उत्तरी सीरिया में अपने लंबे समय से नियोजित ऑपरेशन के साथ आगे बढ़ेगा। तुर्की के 'सैन्य अभियान' का अमेरिका न तो समर्थन करेगा न ही इसमें शामिल होगा।' वर्तमान में 1,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक पूर्वोत्तर सीरिया में तैनात हैं, जहां वे कुर्द YPG के साथ मिलकर काम करते हैं, जो इस क्षेत्र में सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज का नेतृत्व करता है। कुर्द इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का सबसे प्रभावी सहयोगी साबित हुआ है।

एर्दोगन ने बार-बार अमेरिका के कुर्द के साथ करीबी गठबंधन को लेकर निराशा व्यक्त की है, जो उन्हें कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) से जोड़ता है, जिसे तुर्की में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। अमेरिका भी PKK को आतंकवादी समूह मानता है, लेकिन YPG को नहीं। अमेरिका उत्तरी सीरिया में तनाव को कम करने के लिए सीमा के नजदीक सेफ जोन की स्थापित करने पर काम कर रहा है। हालांकि, योजनाएं सफल नहीं हो पाई।

अब एर्दोगन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप उत्तरी सीरिया में सुरक्षित क्षेत्र बनाने पर चर्चा के लिए नवंबर, 2019 में वाशिंगटन में मुलाकात करेंगे। तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को बताया कि दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत के दौरान यह सहमति बनी। एर्दोगन ने ट्रंप के साथ बातचीत में तुर्की की सीमा पर एक बफर क्षेत्र बनाने के समझौते पर निराशा जताई।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।