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Tik Tok Ban: ट्रंप को झटका, अमेरिकी संघीय जज ने टिकटॉक पर बैन के आदेश पर लगाई अस्थायी रोक


हाईलाइट

  • चीनी ऐप टिकटॉक पर बैन के मामले में डोनाल्ड ट्रंप को झटका
  • अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने प्रतिबंध लगाने के आदेश लगाई रोक

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। चीनी ऐप टिकटॉक पर बैन के मामले में अमेरिका के ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के चीनी शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को लागू होने के कुछ घंटे पहले ही रोक दिया।

हिल न्यूज वेबसाइट की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को कोलंबिया जिले के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज कार्ल निकोलस ने टिकटॉक के वकीलों द्वारा यह तर्क दिए जाने के बाद प्रतिबंध को रोक दिया, जिसमें कहा गया कि, ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध से बोलने की स्वतंत्रता और उचित प्रक्रिया के अधिकारों का उल्लंघन होता है। प्रतिबंध से मतलब है कि स्मार्टफोन ऐप स्टोर्स से टिकटॉक हट जाएगा और कंपनी ऐप अपडेट भी नहीं कर पाएगी, यानी कोई भी नया उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड नहीं कर सकता है और आखिर में यह ऐप काम ही नहीं करेगा।

बीबीसी ने बताया, फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, टिकटॉक ने सोमवार को कहा, वह इस फैसले से खुश है और उसने अपने अधिकारों का बचाव करने की कसम खाई है। बयान में कहा गया, हमें खुशी है कि अदालत ने हमारे कानूनी तर्कों पर सहमति व्यक्त की और ऐप पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर रोक लगाई। सीएनएन के मुताबिक, इस महीने की शुरूआत में वाणिज्य विभाग ने घोषणा की थी कि टिकटॉक डाउनलोड पर 20 सितंबर से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा और आगे के प्रतिबंध 12 नवंबर से प्रभावी होंगे।

कोर्ट के फैसले के बाद विभाग ने रविवार देर रात कहा कि यह निषेधाज्ञा का पालन करेगा। साथ ही कहा कि विभाग का आदेश पूरी तरह से कानून के अनुरूप है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को बढ़ावा देता है। अमेरिकी सरकार अपने आदेश का सख्ती से बचाव करने का इरादा रखती है। यह आदेश एक जज के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें चीनी मैसेजिंग वी-चैट पर प्रतिबंध लगाने के ट्रम्प के कार्यकारी आदेश को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह प्रतिबंध 20 सितंबर से लागू होना था।

6 अगस्त को ट्रम्प ने वीचैट के जरिए अमेरिकी लेन-देन पर प्रतिबंध लगाने का कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसके बाद देश में सभी वीचैट उपयोगकर्ताओं के कानूनी अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबंध के खिलाफ प्रशासन पर मुकदमा दायर किया था। यह मुकदमा 17 सितंबर को अदालत में शुरू हुआ।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।