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इंडिया का मैच देखने पहुंचा माल्या, बोला- जज तय करेंगे मैं कब भारत लौटूंगा

September 08th, 2018 17:35 IST

हाईलाइट

  • भारत के बैंकों को माल्या ने लगाया है हजारों करोड़ का चूना
  • लंदन में एशो-आराम की जिंदगी जी रहा है शराब कारोबारी
  • माल्या ने कहा कि वो किसी भी मीडिया को इंटरव्यू नहीं देना चाहता

डिजिटल डेस्क, लंदन। भारत के बैंकों को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले विजय माल्या लंदन में ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे है। भारत और इंग्लैंड के बीच लंदन के केनिंग्टन ओवल में क्रिकेट मैच देखने पहुंचे माल्या से जब भारत जाने के बारे में सवाल किया गया तो उसने दो टूक कह दिया कि मैं भारत कब लौटूंगा ये जज तय करेंगे। माल्या ने कहा कि वो किसी भी मीडिया को इंटरव्यू नहीं देना चाहते।

बता दें कि शराब करोबारी विजय माल्या भारतीय बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर लंदन भाग चुका है। इसके पहले 6 सितंबर को लंदन में विजय माल्या के केस की सुनवाई हो चुकी है, लेकिन सुनवाई किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माल्या की जमानत 2 अप्रैल तक बढ़ा दी है।


ब्रिटेन की सरकार से सहयोग की मांग
लंदन के कोर्ट ने माल्य मामले को अगली सुनवाई तक टाल दिया है। अगली सुनवाई में कोर्ट माल्या पर फैसला सुना सकता है। भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन से मदद की मांग की थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजीजू ने शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ चल रहे प्रत्यर्पण के मामले में ब्रिटेन की सरकार से सहयोग की मांग की है।
 

द्विपक्षीय बैठक में की थी मांग
जानकारी के अनुसार,गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने ब्रिटेन के सुरक्षा व आर्थिक अपराध मामलों के मंत्री बेन वॉलेस के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। इस बैठक में रिजिजू को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में माल्या की चल रही सुनवाई के बारे में अवगत कराया गया था। इस बैठक में मौजूद अधिकारी ने बताया कि रिजिजू ने विजय माल्या, क्रिकेट बुकी संजीव कपूर, ललित मोदी समेत 13 लोगों के प्रत्यर्पण में मदद की मांग की थी। उन्होंने यह भी मांग की थी कि कश्मीरी या खालिस्तानी अलगाववादियों द्वारा ब्रिटेन की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं किया जाए।
 

कोर्ट में सबूतों को खारिज करने की कोशिश
उल्लेखनीय है कि मामले में अंतिम सुनवाईयों के लिए माल्या लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में जाएंगे। सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने सारे सबूतों को खारिज करवाने की कोशिश की। इस सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने बचाव में कहा कि ब्रिटेन के कानून के मुताबिक भारत के कोई भी सबूत स्वीकार करने लायक नहीं है। हालांकि, इस मामले में प्रोसिक्यूशन यानी भारत सरकार की ओर से क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (CPS) का पक्ष रखना बाकी है।

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।