ट्रैवलिंग टिप्स: 15 अप्रैल से शुरू हो रही है अमरनाथ यात्रा की बुकिंग्स, अगर आप भी कर रहे हैं जाने का प्लान, तो ऐसे करें अपनी तैयारी

15 अप्रैल से शुरू हो रही है अमरनाथ यात्रा की बुकिंग्स, अगर आप भी कर रहे हैं जाने का प्लान, तो ऐसे करें अपनी तैयारी
बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहते हैं तो 15 अप्रैल से बुकिंग शुरू हो गई हैं। अपनी बुकिंग करें और अभी से तैयारियां करना शुरू कर दें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिमालय की बर्फीली वादियों के बीच बाबा बर्फानी बर्फानी विराजमान हैं। उनका दर्शन करने का कई लोग सपना देखते हैं और सभी शिवभक्तों के लिए एक बहुत ही खास खबर सामने आई है। ऊंची-ऊंची चोटियों में स्थित भगवान शिव के इस खास दरबार में आने के लिए सभी अब ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। अगर आप भी 2026 में अमरनाथ यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं, तो अपनी तैयारियों अभी से शुरू कर दीजिए। क्योंकि आने वाली यात्रा के लिए 15 अप्रैल से ही एडवांस बुकिंग शुरू होने वाली है। ये रजिस्ट्रेशन 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व' के बेसिस पर हो रहे हैं इसलिए बुकिंग करने में बिल्कुल भी देर नहीं करनी है। साथ ही आज हम आपके लिए कुछ ऐसी टिप्स लेकर आए हैं, जिससे आपकी अमरनाथ यात्रा की पैकिंग आसानी से हो जाएगी।

कैसे करें बुकिंग?

यात्रा के परमिट ऑनलाइन ही जारी किए जाने वाले हैं और हर रूट के लिए हर रोज का एक फिक्स कोटा निर्धारित किया गया है। आप अपना रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से या फिर देश भर में चुनी गई 554 बैंक शाखाओं में जाकर करवा सकते हैं। बुकिंग करने के लिए आधार कार्ड बहुत ही जरूरी है। क्योंकि आधार कार्ड से बायोमेट्रिक पहचान होगी, इसलिए ये बहुत ही जरूरी है। बता दें, ये एक बहुत ही दुर्गम और कठिन ट्रेक होता है, इसलिए श्राइन बोर्ड ने फिटनेस और उम्र से संबंधित कई नियम तैयार किए हैं। जिसके मुताबिक, सिर्फ 13 साल से लेकर 70 साल तक के श्रद्धालु ही बाबा के दर्शन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सुरक्षा के लिहाज से, 6 हफ्ते से ज्यादा की गर्भवती महिलाओं को इस यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं है।

यात्रियों के लिए अहम सलाह क्या?

RFID कार्ड है जरूरी

जम्मू-कश्मीर पहुंचने के बाद तय किए गए सेंटर्स से अपना RFID कार्ड जरूर लें। इसे लेते वक्त अपना आधार कार्ड साथ रखें। सुरक्षा के लिए पूरी यात्रा के समय इस कार्ड को अपने गले में पहनकर रखना बहुत ही जरूरी है।

पहचान पत्र और इमरजेंसी पर्ची

अपना आईडी प्रूफ जैसे ड्राइविंग लाइसेंस और यात्रा परमिट हमेशा अपने पास रखें। इसके अलावा, एक पर्ची पर अपने साथ उसी दिन दर्शन के लिए जा रहे किसी साथी यात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखकर अपनी जेब में रखें ताकि इमरजेंसी में काम आ सके।

मौसम के हिसाब से तैयारी

पहाड़ों पर मौसम का कोई भरोसा नहीं होता और पारा अचानक से 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क सकता है। इसलिए पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट, विंडचीटर, छाता और वाटरप्रूफ जूते अपने साथ रखें। अपने कपड़ों और खाने के सामान को भी वाटरप्रूफ बैग में ही पैक करें।

इन गलतियों पर दें ध्यान

आरएफआईडी कार्ड अनिवार्य

किसी भी यात्री को बिना RFID कार्ड के यात्रा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। साथ ही खड़ी चढ़ाई और ढलान के कारण चप्पल पहनकर बिल्कुल न जाएं, सिर्फ फीते वाले अच्छे ट्रेकिंग शूज ही पहनें। रास्ते में कोई भी शॉर्टकट अपनाने की कोशिश न करें, यह जानलेवा हो सकता है।

तबीयत पर दें ध्यान

अपनी तबीयत का खास ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि अधिक ऊंचाई पर तबीयत बिगड़ने की संभावना ज्यादा होती है।

चेतावनी वाले बोर्ड पर दें ध्यान

जिन जगहों पर चेतावनी वाले नोटिस या खतरे के बोर्ड लगे हों, वहां बिल्कुल न रुकें।

धुम्रपान से रहें दूर

यात्रा के दौरान शराब, सिगरेट या कैफीन वाली चीजों का सेवन सख्त मना है।

प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं

राज्य में पॉलिथीन या प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बैन है। यह एक दंडनीय अपराध है, इसलिए प्रकृति को साफ-सुथरा रखें और प्रदूषण न फैलाएं।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग- अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   11 April 2026 7:20 PM IST

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