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Travel: मप्र का ऐतिहासिक शहर है ग्वालियर, जानिए यहां के टॉप टूरिस्ट स्पॉट


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्यप्रदेश राज्य का चौथा बड़ा महानगर है ग्वालियर। इस महानगर को मध्यप्रदेश की पर्यटक राजधानी भी कहा जाता है। यह एक ऐतिहासिक शहर है जो अपने मंदिरों, प्राचीन महलों और स्मारकों के लिए फेमस है। ग्वालियर किला, फूल बाग़, सूरज कुंड, हाथी पूल, मान मंदिर महल, जय विलास महल जैसे कई स्थानों पर आप यहां घूम सकते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं ग्वालियर के पर्यटक स्थलों के बारे में...

1) ग्वालियर किला
ग्वालियर किला मध्य भारत की सबसे प्राचीन जगहों में से एक है। यह गोपांचल नामक छोटी पहाड़ी पर स्थित है, जिसे भारत का जिब्राल्टर भी कहा जाता है। लाल बलुए पत्थर से निर्मित यह किला देश के सबसे बड़े किले में से एक है और इसका भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान है। ग्वालियर किले का निर्माण 8वीं शताब्दी में किया गया था। यह किला तीन वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है और इस किले की ऊंचाई 35 फीट है। इसमें कई ऐतिहासिक स्मारक, बुद्ध और जैन मंदिर, गुजारी महल, मानसिंह महल, जहांगीर महल, करण महल, शाहजहां महल मौजूद हैं।

2) जय विलास पैलेस
जय विलास महल अपने विशाल दरबार हॉल के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं। जीवाजी राव सिंधिया ने 1874 में इस महल को बनवाया था। यह महल अब भी सिंधिया शाही परिवार के अधीन है। यह एक विशाल महल है, जो 1,240,771 वर्ग फीट के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस विशाल महल का एक खूबसूरत कोना यहां का बड़ा डाइनिंग हॉल है, जिसमें एक बार में कई लोग बैठ कर खाना खा सकते हैं। इस इाडिनिंग हॉल का मुख्य आकर्षण चांदी की ट्रेन है, जिसका इस्तेमाल महमानों को भोजन परोसने के लिए किया जाता था।
ग्वालियर में स्थित इस ऐतिहासक स्थल को देखने के लिए पर्यटक बहुत अधिक संख्या में आते हैं।

3) सास बहू मंदिर 
ग्वालियर किले के पूर्व में स्थित सास-बहू मंदिर। यह मंदिर देखने में जितना सुंदर है इसकी गाथा भी उतनी ही अद्भुत है। सास और बहु मंदिर का नाम सहस्त्रबाहु नाम से निकला है जो भगवान विष्णु का दूसरा नाम है। ग्वालियर के इस फेमस सास बहु मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में किया गया था। ग्वालियर का सास बहू मंदिर यहां आने वाले पर्यटकों और भक्तो के लिए आकर्षण का केंद्र है। सास-बहू मंदिर 32 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा है। मंदिर की दीवारों, खंबों और छत पर नक्काशीदार आकृतियां बनाई गई हैं जो की पयर्टकों का मन मोह लेती हैं।

4) मान सिंह पैलेस
ग्वालियर का मानसिंह पैलेस पूरे मध्यप्रदेश में सबसे बड़ा किला है जो कि राजा मानसिंह तोमर ने बनवाया था। मान सिंह पैलेस 300 फीट ऊंचा है। बाहरी और पैलेस के अंदर के हिस्से में नीली, पीली, हरी, सफेद टाइल्स से बनी कलाकृतियां है। जालीदार दीवारों से बना संगीत कक्ष पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। राजा मानसिंह के परिवार की महिलाएं यहां संगीत सीखती थी। हर शाम इस मान सिंह महल में साउंड एवं लाइट शो का आयोजन किया जाता है, जिसमें किले के इतिहास के बारे में बताया जाता है।

5) रानी लक्ष्मीबाई की समाधि
रानी लक्ष्मीबाई की समाधि फूल बाग़ में स्थित है। रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 में भारतीय क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया था। शहर के रामबाग तिराहे से शुरू हुई आमने-सामने की जंग में जख्मी रानी को एक गोली लगी थी और वह स्वर्णरेखा नदी के किनारे शहीद हो गईं। रानी की वीरता देख अंग्रेस कैप्टन ह्यूरोज ने शहादत स्थल पर उनको सैल्यूट किया था। फूलबाग में रानी लक्ष्मीबाई की आठ मीटर ऊंची मूर्ति रखी है। यहां रानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में हर साल जून में एक मेला लगता है। 

कैसे पहुंचे और कहा रुके?
ग्वालियर घूमने के लिये सही समय अक्टूबर से मार्च बीच का है। ग्वालियर शहर एयर, रेल और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। ग्वालियर मे श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट है। ग्वालियर के लिए दिल्ली, भोपाल, इंदौर और मुंबई से नियमित विमान सेवा है। रेल सेवा की बात की जाए तो ग्वालियर मध्य रेलवे की दिल्ली-मुबई और मुंबई-मद्रास मेन लाईन पर स्थित है। वहीं आगरा, मथुरा, जयपुर, लखनऊ, भोपाल, चंदेरी, इंदौर, झांसी, खजुराहो, रीवा, उज्जैन और शिवपुरी से नियमित बस सेवा हैं। यहां रुकने की बात की जाए तो ग्वालियर मे हर बजट के होटल उपलब्ध हैं। 

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