हेल्थ टिप्स: सीने में दर्द से हैं पीड़ित? हार्ट अटैक की संभावना से हो जाएं सचेत

December 20th, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीने में दर्द होने के अनेक कारण हो सकते हैं जिनमें से लम्बे समय तक रहने वाली खांसी के बाद होने वाली सूजन और इन्फेक्शन से होने वाला दर्द। अपचय, बदहजमी और गैस से होने वाला दर्द। इसके अलावा कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं जिनकी वजह से सीने में दर्द हो सकता है।
आज हम कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण होने वाले दर्द की चर्चा करेंगे।

कोलेस्ट्रॉल होता क्या है, मानव शरीर में इसकी क्या भूमिका होती है?

मानव शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। HDL यानि अच्छा कोलेस्ट्रॉल, LDL बुरा कोलेस्ट्रॉल। अच्छा कोलेस्ट्रॉल शरीर के ऊतको, मांसपेशियों के लिए आवश्यक होता है। हमारा लीवर, शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण के लिए कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करता है लेकिन जब रक्त में इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो यह दिल की बीमारियों को जन्म देता है जो शरीर के लिए हानिकारक हो जाता है। इसके लिए हमारी जीवनशैली पूरी तरह से जिम्मेदार है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ना जानलेवा क्यों है?
लापरवाह जीवनशैली अपनाने से शरीर में बुरा कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) जमा होने लगता है। मायो क्लिनिक के अनुसार यह कोलेस्ट्रॉल उन रक्त धमनियों में जमने लगता है जो दिल तक खून की सप्लाई करती हैं और कोलेस्ट्रॉल धीरे धीरे बड़ी गांठ बनाने लगता है जिसके कारण धमनियों में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध होने लगता है, अंततः ये गांठ दबाव के कारण नस के अंदर ही फट जाती है जिससे दिल को रक्त की सप्लाई नहीं मिलती और हार्ट अटैक के कारण व्यक्ति की दर्दनाक मृत्यु हो जाती है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के प्राकृतिक तरीके
हानिकारक वसा को कम करें: शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आपको वसा से पूरी तरह से बचने की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ उन खाद्य पदार्थों को खाना छोड़ दें जिनमें संतृप्त वसा अधिक होती है। संतृप्त वसा मक्खन, चरबी, घी, वसायुक्त मांस और पनीर में पाया जाने वाला वसा है। इसके अलावा आपको असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ खाने चाहिए जैसे वनस्पति तेल (जैतून, रेपसीड और सूरजमुखी का तेल), नट, बीज, एवोकैडो और तैलीय मछली। मछली में ओमेगा 3 होता है इसलिए हफ्ते में कम से कम 2 बार मछली खाएं।

सक्रिय रहें: क्लीवलैंड क्लिनिक सलाह देता है कि जब हम कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली चीजें खाने में ल रहे हैं तो उसके साथ कुछ शारीरिक गतिविधि भी अपनानी चाहिए। एरोबिक एक ऐसा व्यायाम है जिसमें एक साथ अनेक मांसपेशियों की कसरत हो जाती है इसलिए यह कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करने की सलाह देता है।

क्लीवलैंड क्लिनिक में एमडी (कार्डियोलॉजी) डॉ लेस्ली चो कहते हैं, “व्यायाम एचडीएल कोलेस्ट्रॉल यानि अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, जिससे एलडीएल यानि बुरा कोलेस्ट्रॉल खत्म होता जाता है। वजन कम करने से भी एचडीएल बढ़ता है।”

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, उन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जो ना तो व्यायाम करते हैं साथ ही जिनका वजन भी बढ़ता जा रहा है। अल्कोहल यानि शराब भी कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। मीठा खाने से भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।

जब व्यायाम की बात होती है तो आपको घंटों जिम में पसीना बहाने की आवश्यकता नहीं है। बस नियमित रूप से पैदल चलें, साइकिल चलायें, तैराकी, योग करना – इनमें से जो आपको अच्छा लगे उसे प्रतिदिन कुछ मिनटों तक किया करें तो आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाये तो क्या करें?
यदि आपके सीने में दर्द है जो 24 घण्टे एक ही जगह पर रहता है तो आपको कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट कराना चाहिए, जब टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक आती है तो सचेत हो जाएं और कुछ चीजों का कड़ाई से पालन करें।

चिकनाई, तली भुनी चीजें बिल्कुल ना खाएं, और जिन चीजों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है उन चीजों को पूरी तरह से छोड़ दें जैसे मीठा, अल्कोहल बिल्कुल छोड़ दें। साथ ही उन चीजों को खाने में शामिल करें जिनसे कोलेस्ट्रॉल कम होता है जैसे रेशेदार फल, सब्जियां, अंकुरित मूंग, मछली आदि। इसके अलावा प्रतिदिन व्यायाम करें, और आलसी जीवन को पूरी तरह से त्याग दें हमेशा एक्टिव रहें कुछ ना कुछ करते रहें।

ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और बड़े बड़े हॉस्पिटल में दिखाने लग जाते हैं और वहाँ उनको डराया जाता है कि हार्ट अटैक आ जायेगा और ऑपरेशन के लिए बोलते है, लेकिन अक्सर देखा गया है कि ऑपरेशन करवाने के बाद भी हार्ट अटैक को नहीं रोका जा सकता जब तक कि आप खुद अपने जीवनशैली को नहीं सुधारेंगे। ऑपरेशन के दौरान भी गांठ फटने का खतरा होता है। इसलिए शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा कम करने पर जोर दें जो आप खानपान और जीवनशैली सुधारकर कर सकते हैं।

डॉक्टर रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने के लिए स्टेटिन की सलाह देते हैं, दुनिया भर में उपचार प्रोटोकॉल में उपयोग के लिए अनेक प्रकार की स्टैटिन उपलब्ध हैं जिनमें शामिल हैं:

एटोरवास्टेटिन (लिपिटर)

लवस्टैटिन (अल्टोप्रेव)

पिटावास्टेटिन (लिवलो, जिपिटामैग)

प्रवास्टैटिन (प्रवाचोल)

रोसुवास्टेटिन (क्रेस्टर, एज़ालोर)

सिम्वास्टैटिन (ज़ोकोर)

स्टेटिन लेने के साथ यदि आप कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली चीजें ग्रहण करते हैं तो स्टेटिन लाभ की जगह साइड इफेक्ट भी कर सकती है। इसलिए डॉक्टर की देखरेख में ही इस तरह की दवाएं लेनी चाहिए।

अस्वीकरण: लेख में उल्लिखित सुझाव केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या अपने आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

क्रेडिट- @sunilbutolia