Indian Government New Policy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पेट्रोल पर भारत सरकार का नया प्रस्ताव, पास होने पर 85 फीसदी मिलाया जाएगा एथेनॉल, जानें वजह

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पेट्रोल पर भारत सरकार का नया प्रस्ताव, पास होने पर 85 फीसदी मिलाया जाएगा एथेनॉल, जानें वजह
मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान तनाव के बीच पेट्रोल की कीमतें बढ़ने की खबरें मिल रही है। इन सबके बीच भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार की तरफ से एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान तनाव के बीच पेट्रोल की कीमतें बढ़ने की खबरें मिल रही है। इन सबके बीच भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार की तरफ से एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें पेट्रोल पर निर्भता को कम करने के लिए एथेनॉल मिलाने के नियमों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा दिया है। अगर यह लागू हो जाता है, तो आने वाले टाइम में देश की सभी गाड़ियां एथेनॉल से चलेंगी।

भारत सरकार का नया प्रस्ताव

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की तरफ से 27 अप्रैल, 2026 को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसका उद्देश्य एमीशन से जुड़े नियमों, फ्यूल क्लासिफिकेशन और हाई इथेनॉल ब्लेंड से जुड़े तकनीकी शब्दों में परिवर्तन लाना है। नये प्रस्ताव में सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संधोधन कर E85 या E100 तक के फ्यूल के लिए व्हीकल स्टैंडर्ड को शामिल करना है। इस नियम के लागू होने तक इसकी सीमा E85 तक है।

सरकार को सुझाव का इंतजार

सरकार के द्वारा किए जा रहे बदलावों के तहत पेट्रोल के साथ इथेनॉल की मिलावट की सीमा में बढ़ोतरी कर रही है, जो E10 से बढ़कर E20 तक करने के पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही B100 बायोडीजल के लिए भी नए प्रावधान जोड़े गए हैं। जिससे साफ होता है कि मोदी सरकार अब हाई-ब्लेंड फ्यूल को पूरी तरह से समर्थन करने को लेकर नियम बना रही है। फिलहाल सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को पब्लिक के लिए जारी किया है, ताकि आम लोग और इंडस्ट्री से जुडे़ लोग अपनी राय रख सकें। सभी के सुझाव मिलने के बाद सरकार का अंतिम फैसला होगा।

अभी कितना एथेनॉल मिला रही सरकार

दरअसल, भारत सरकार ने पिछले साल अप्रैल में E20 फ्यूल लागू किया था। इसके बाद पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का काम किया जा रहा है। अब सरकार इसे और आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के आयात को कम करना है और ज्यादा एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की जरूरत कम पड़ेगी। इससे देश को भी आर्थिक फायदा पहुंचेगा और पर्यावरण पड़ने वाले असर को भी एक सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी।

परिवहन मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 28 अप्रैल को दिल्ली के एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां पर उन्होंने बताया था, "आने वाले समय में इन ट्रेडिशनल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर चलने वाली गाड़ियों का कोई भविष्य नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने वाहन बनाने वाली कंपनियों से अपील भी की है कि वे जल्द से जल्द बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक फ्यूल की तरफ आघे बढ़े। उन्होंने फ्यूल के महंगे होने पर चिंता नहीं जताई है, बल्कि देश के लिए गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला है।

Created On :   30 April 2026 1:37 AM IST

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