राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला: सभी याचिकाओं का हुआ निपटारा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा ट्रायल कोर्ट की मदद कर सकते हैं याचिकाकर्ता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार 2 नवंबर को यूपी के अयोध्या में स्थित राम मंदिर चढ़ावे कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में दाखिल सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि SIT निचली अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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इस केस की जांच कर रही SIT ने 21 सितंबर को कोर्ट को बताया था कि वह 25 सितंबर तक या उससे पहले पहली चार्जशीट दाखिल कर देगी। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए। ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद सृजित कर पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। वहीं, 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के रूप में ट्रायल कोर्ट की मदद कर सकते हैं। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि याचिकाओं का निपटारा करने का मतलब चढ़ावे की हेराफेरी के आरोपों पर कोई सुझाव देना नहीं है।
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने टॉप कोर्ट में सुनवाई के दौरान SIT की जांच का हवाला देते हुए बताया कि मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कथित हेराफेरी की गई। SIT जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर इस रकम से संपत्तियां खरीदीं, जबकि कुछ ने चंदे के पैसे बैंक खातों में जमा कराए। बेंच ने इन सभी जानकारियों को रिकॉर्ड पर लिया।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य याचिका पर सुनवाई से भी इनकार कर दिया। इस याचिका में यह तय करने की मांग की गई थी कि राम मंदिर उसी जमीन पर बना है या नहीं, जिस पर मुख्य अयोध्या विवाद मामले में फैसला सुनाया गया था।
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