भारत का बढ़ा दबदबा: FATF को मिला पहला भारतीय उपाध्यक्ष, कौन हैं विवेक अग्रवाल जिनको मिली बड़ी जिम्मेदारी? MP से क्या कनेक्शन?

FATF को मिला पहला भारतीय उपाध्यक्ष, कौन हैं विवेक अग्रवाल जिनको मिली बड़ी जिम्मेदारी? MP से क्या कनेक्शन?
भारत के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल FATF के उपाध्यक्ष बने हैं। पहली बार किसी भारतीय को यह जिम्मेदारी मिली है। इसे वैश्विक स्तर पर भारत की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत को दुनिया के बड़े वित्तीय मंच (Financial Platform) पर अहम जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष चुना गया है। FATF वह अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग और अवैध पैसों के इस्तेमाल पर नजर रखती है। भारत साल 2010 से इसका सदस्य है लेकिन पहली बार किसी भारतीय अधिकारी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। पेरिस में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस नियुक्ति को वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख और आतंकवाद के खिलाफ उसकी मजबूत नीति की पहचान माना जा रहा है। इससे दुनिया में अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ भारत की भूमिका और मजबूत होगी।

कौन हैं विवेक अग्रवाल?

विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले FATF में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा वे FIU-IND के निदेशक भी रह चुके हैं। वित्तीय अपराधों और अवैध लेनदेन से जुड़े मामलों में उन्हें लंबा अनुभव है। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ब्रिटेन के अधिकारी की लेंगे जगह

विवेक अग्रवाल जुलाई 2026 से जून 2027 तक FATF के उपाध्यक्ष रहेंगे। वह ब्रिटेन के जाइल्स थॉमसन की जगह लेंगे। थॉमसन इस पद पर जुलाई 2025 से कार्यरत हैं। FATF के सदस्य देशों ने नई अध्यक्षता के साथ-साथ उपाध्यक्ष पद के लिए भी उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है।

भारत के लिए क्यों है खास?

वित्त मंत्रालय ने इसे भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व की पहचान बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाता रहा है। ऐसे में FATF में यह जिम्मेदारी मिलने से दुनिया में अवैध फंडिंग नेटवर्क पर कार्रवाई और मजबूत हो सकती है।

Created On :   20 Jun 2026 9:54 AM IST

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