क्रॉस वोटिंग: समाजवादी पार्टी को सता रहा है बगावत का डर, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं कई सपा विधायक

समाजवादी पार्टी को सता रहा है बगावत का डर, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं कई सपा विधायक
  • कई सपा विधायक राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं
  • इंद्रजीत सरोज के भाजपा के संपर्क में होने की खबर
  • सपा पर पीडीए को किनारा करने का आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी राज्यसभा चुनाव में कई उठापटक हो सकते हैं। अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के कई विधायक राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। सपा के सहयोगी दलों से बढती दूरी को देखकर भाजपा ने पहले सात के बाद एक और विधायक को चुनावी मैदान में उतारा है। जिसके बाद भाजपा की तरफ से कुल आठ विधायक राज्यसभा के चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी के आंठवें उम्मीदवार उतारने के फैसले के बाद प्रदेश में राज्यसभा उम्मीदवारों की संख्या 11 हो गई है। इसकी वजह से आगामी चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना जताई जा रही है।

बगावत के खतरे के बीच जेल में बंद समाजवादी पार्टी विधायकों से आगामी राज्यसभा चुनाव में वोट दिलवाने के लिए सपा कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले रही है। इस बीच सपा विधायक इंद्रजीत सरोज के भाजपा के संपर्क में होने की खबरें सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा के ठीक बाद से इंद्रजीत सरोज अन्य 3-4 विधायकों के साथ लगातार भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं। आपको बता दें कि इंद्रजीत सरोज भाजपा एमएलसी रामचंद्र प्रधान के समधी हैं।

पीडीए को किनारा करने का आरोप

सपा पर राज्यसभा चुनाव में पीडीए को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया जा रहा है। अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पलव्वी पटेल पहले ही राज्यसभा चुनाव में सपा के पक्ष में वोटिंग नहीं करने का ऐलान कर चुकी हैं। उन्होंने सपा पर पिछड़-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) का ख्याल नहीं रखने का आरोप लगाया है। इसके अलावा स्वामी प्रसाद के खास माने जाने वाले पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति ने भी पार्टी के खिलाफ मोर्टा खोला हुआ है।

जेल से नेताओं को वोट दिलाने के लिए कानूनी सहारा

समाजवादी पार्टी जेल में बंद पार्टी प्रत्याशियों से राज्यसभा में वोट दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले रही है। कानपुर के विधायक इसफान सोलंकी के अलावा आजमगढ से विधायक रमाकांत यादव जेल में बंद हैं। इसके अलावा जेल में बंद मऊ के विधायक अब्बास अंसारी से भी वोट दिलवाने के लिए कानूनी प्रक्रिया की मदद ली जा रही है।

Created On :   18 Feb 2024 6:08 AM GMT

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