Global Investors Summit: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बना मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धि, निवेश और विकास की लिखी नई इबारत

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के जरिए विकास और निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है। इस समिट ने न केवल राज्य को ग्लोबल इंवेस्टमेंट मैप पर मजबूती से स्थापित किया। बल्कि रोजगार, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में नए अवसर भी खोले। बड़े बिजनेसमैन, विदेशी प्रतिनिधियों और पॉलिसी मेकर्स की भागीदारी ने मध्य प्रदेश को एक उभरते बिजनेस हब के रूप में पहचान दिलाई और विकास की रफ्तार को नई दिशा दी।
निवेश और भागीदारी के मामले में रिकॉर्ड प्रदर्शन
भोपाल में आयोजित इस भव्य समिट में मध्य प्रदेश को करीब 30.77 लाख करोड़ रुपये के इंवेस्टमेंट प्रपोजल प्राप्त हुए. जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इन प्रस्तावों से राज्य में लगभग 21.40 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
समिट में 25,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें 9 पार्टनर देशों के प्रतिनिधि और 60 से ज्यादा देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट शामिल रहे। साथ ही 300 से ज्यादा प्रमुख उद्योगपति और औद्योगिक समूहों की भागीदारी ने इसे वैश्विक स्तर का आयोजन बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान 10 सेक्टोरल सेशन, 6 कंट्री सेशन, 6 विशेष समिट, 70 से अधिक वन-ऑन-वन मीटिंग, 5,000 से ज्यादा B2B मीटिंग और 600 से अधिक B2G मीटिंग आयोजित की गईं, जिसने निवेश संभावनाओं को मजबूत आधार दिया।
नई नीतियों और एमओयू से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मध्य प्रदेश सरकार ने 18 नई निवेश नीतियां पेश कीं, जिससे विभिन्न सेक्टरों में निवेश को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही 89 एमओयू साइन किए गए, जो राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुए।
समिट से पहले देश और विदेश में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन्स ने निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई। आयोजन के दौरान ऑटो एक्सपो, टेक्सटाइल एक्सपो, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट प्रदर्शनी, एमपी पवेलियन और डिजिटल एक्सपीरियंस जोन जैसे आकर्षण केंद्र रहे, जिन्होंने राज्य की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
हर सेक्टर में निवेश की मजबूत संभावनाएं
समिट में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में निवेश प्रस्ताव मिले। ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सबसे ज्यादा 8.94 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग, डिफेंस, आईटी, टूरिज्म, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में भी बड़े निवेश की संभावनाएं बनीं।
खासतौर पर एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग में 957 प्रस्ताव मिले, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में सहायक होंगे। वहीं टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी 300 से ज्यादा प्रस्तावों ने राज्य के पर्यटन विकास को नई दिशा दी।
निवेश को अमल में लाने के लिए मजबूत व्यवस्था
मध्य प्रदेश ने केवल निवेश आकर्षित करने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था तैयार की। निवेश प्रस्तावों की मॉनिटरिंग, विभागों के बीच समन्वय और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के लिए मजबूत सिस्टम विकसित किया गया।
निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और सशक्त किया गया और एमपी इन्वेस्टर पोर्टल को अपग्रेड किया गया। ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाओं के जरिए उद्योगों को तेजी से शुरू करने की दिशा में भी काम किया गया।
जमीन आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर तक समन्वित प्रयास किए गए. जिससे निवेशकों को अनुकूल वातावरण मिल सके।
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इंडस्ट्री और रोजगार के नए अवसर
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ। राज्य ने स्किल डेवलपमेंट, आईटीआई और उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाने, और Ease of Doing Business को बेहतर बनाने के लिए कई पहल कीं।
इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रिन्यूएबल एनर्जी में बना अग्रणी राज्य
समिट के दौरान और उसके बाद मध्य प्रदेश ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। नीमच-आगर-शाजापुर सोलर पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट राज्य की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
1,500 मेगावाट क्षमता वाले इस सोलर पार्क में आगर और शाजापुर में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि नीमच में भी अधिकांश क्षमता चालू हो गई है। इस प्रोजेक्ट के जरिए सस्ती बिजली उत्पादन और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा मिला है।
विकास और निवेश की नई पहचान बना मध्य प्रदेश
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने मध्य प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान दी है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लयिर पॉलिसी और निवेशक हितैषी माहौल के चलते राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह समिट केवल एक आयोजन नहीं रहा, बल्कि मध्य प्रदेश के लिए आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और कंसिस्टेंट ग्रोथ की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ। आने वाले समय में यह निवेश राज्य को देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।
Created On :   11 April 2026 2:18 PM IST












