छात्र आंदोलन से झुकी सरकार?: NTA में सुधार को लेकर केंद्र का बड़ा एक्शन, 47 अधिकारियों को किया बर्खास्त

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में पेपर लीक मामले को लेकर छात्र लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। दिल्ली समेत देशभर से प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही है। इस बीच सरकार अलर्ट मोड में दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि शुक्रवार को मोदी कैबिनेट की बैठक हुई। इस दौरान परीक्षाओं में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए एक बिल को मंजूरी दे दी गई है और इसे जल्द ही संसद में भी पेश किया जा सकता है। इसी मामले में शिक्षा मंत्रालय आज 24 जुलाई को बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत NTA के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को पद से हटाया दिया है।
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क्या हैं केंद्र सरकार का प्लान?
सूत्रों की माने तो सरकार के इन रिफॉर्म्स से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के प्रदर्शन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की इस मीटिंग में तय किया गया कि पेपर लीक करने वालों को 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपए के जुर्माने का प्रवधान है। उम्मीद है कि ये बिल इसी हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा।
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क्यों हो रहे देशभर में प्रोटेस्ट?
देशभर में पेपर लीक हुए हैं। हाल ही में नीट का पेपर लीक हुआ था। इसके बाद कुछ बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जतना पार्टी (सीजेपी) बनी। देखते ही देखते ये सोशल मीडिया से सड़क पर नजर आई। इसके जरिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस प्रोटेस्ट को एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बलों के बीच संसद मार्च के दौरान टकराव देखने को मिला। इसके बाद सरकार सक्रिय हुई। उनके समर्थन में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन किया, जिसे उन्हें 26 दिन के बाद तोड़ा।
Created On :   24 July 2026 7:46 PM IST













