New Secretary Naresh Pal Gangwar: शिक्षा मंत्रालय का सचिव बनते ही विवादों में घिरे नरेश पाल गंगवार, परिवार के नाम पर 1.16 करोड़ रु. की सब्सिडी लेने का आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के बाद देशभर में प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया है। विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को नियुक्त किया है। उनके तबादले की कुछ घंटों बाद उनपर 'परिवार को सब्सिडी' दिलाने के आरोप लगे हैं।
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पदभार संभालते ही विवाद में घिरे
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई राज्यों में पेपर लीक को लेकर विरोध कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले एक महीने से ज्यादा बित जाने का बाद भी छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इन सबके बीच केंद्र ने नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार को नियुक्त किया है। लेकिन उनके पद संभालते ही विवाद में घिर गए हैं। इस वजह से चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है।
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नए सचिव पर क्या लगे आरोप?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरेश पाल गंगवार पर आरोप लगे हैं कि वे राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड में कार्यरत थे, उस दौरान उन्होंने अपने परिवार के लोगों के नाम पर सब्सिडी ली थी। इंडियान एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गंगवार के परिवार के सदस्यों के नाम 1.16 करोड़ रुपए की सब्सिडी मंजूर हुई थी। आगे बताया गया कि ये सब्सिडी खीरे की पैदावार के लिए मंजूर हुई थी। इस पूरे लाभ को कथित तौर पर राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की 'संरक्षित खेती योजना' के जरिए भुनाया गया था। हालांकि, अभी तक इस मामले में सरकार की तरफ से कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई हैं।
Created On :   24 July 2026 7:06 PM IST













