NEET UG Exam 2026 Cancelled: नासिक, हरियाणा से लेकर जयपुर तक से जुड़े तार, NEET UG का पेपर कैसे हुआ लीक, कितने छात्र हुए प्रभावित, अब आगे क्या होगा?

नासिक, हरियाणा से लेकर जयपुर तक से जुड़े तार, NEET UG का पेपर कैसे हुआ लीक, कितने छात्र हुए प्रभावित, अब आगे क्या होगा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मंगलवार को नीट यूजी 2026 एग्जाम को लेकर बड़ा ऐलान किया है। 3 मई को हुआ ये मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट रद्द कर दिया गया है, इसकी जगह अब दूसरी तारीख निकाली जाएगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ा मामला अब सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं माना जा रहा। जांच एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे कई राज्यों में फैला एक बड़ा और संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, केरल और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में चल रही जांच में लगातार नए सुराग सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में जो जानकारी मिली है, उसने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

दावा किया जा रहा है कि कथित तौर पर पेपर सबसे पहले नासिक से बाहर निकला और फिर हरियाणा तक पहुंचा। इसके बाद यह जयपुर, जमवारामगढ़ और सीकर के रास्ते दूसरे राज्यों में फैलाया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए सवाल जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड तक पहुंचाए गए हैं। फिलहाल अलग-अलग राज्यों में पूछताछ और जांच जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पेपर लीक के आरोपों के बाद बड़ा फैसला

सरकार और परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए थे। जांच में यह बात सामने आई कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल छात्रों के बीच पहुंच गए थे। ऐसा बताया जा रहा है कि एक कथित 'गेस पेपर' कई दिनों से अलग-अलग जगहों पर घूम रहा था और उसमें दिए गए कई सवाल असली परीक्षा से काफी मिलते-जुलते थे। जैसे ही यह मामला सामने आया, पूरे देश में हंगामा मच गया। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

लाखों छात्रों पर पड़ा असर

इस परीक्षा में करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। कई छात्र ऐसे थे जिन्होंने इस परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग ली, किराए पर कमरे लेकर दूसरे शहरों में रहकर पढ़ाई की और परिवारों ने लाखों रुपये खर्च किए। अब परीक्षा दोबारा होने से छात्रों को फिर से तैयारी करनी पड़ेगी। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों पर पहले से ही पढ़ाई का बहुत दबाव था और अब दोबारा परीक्षा होने से मानसिक तनाव और बढ़ जाएगा। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि उन्होंने परीक्षा देने के बाद राहत महसूस की थी, लेकिन अब उन्हें फिर से उसी दबाव से गुजरना होगा।

कैसे सामने आया मामला?

राजस्थान और उत्तराखंड से सबसे पहले गड़बड़ी की खबरें सामने आईं। जांच एजेंसियों को पता चला कि करीब चार सौ से ज्यादा सवालों वाला एक दस्तावेज परीक्षा से पहले छात्रों के बीच बांटा जा रहा था। दावा किया गया कि उसमें दिए गए कई सवाल असली परीक्षा से हूबहू मिल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह सामग्री कुछ समूहों में परीक्षा से करीब दो दिन पहले तक भेजी जा रही थी। इसके बाद पुलिस और दूसरी एजेंसियों ने जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो काम नहीं कर रहा।

कई शहरों में जांच हुई जारी

राजस्थान पुलिस की विशेष जांच टीम इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। अलग-अलग शहरों में छापेमारी और पूछताछ भी की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां लगातार सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। महाराष्ट्र के लातूर से भी कुछ वीडियो और सवालों के सेट सामने आए थे। सोशल मीडिया पर यह सामग्री तेजी से फैलने लगी, जिसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

छात्रों को फिर नहीं करना होगा आवेदन

परीक्षा एजेंसी ने साफ कर दिया है कि दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को फिर से आवेदन नहीं करना पड़ेगा। पहले से जमा की गई जानकारी और परीक्षा केंद्र वही रहेंगे। छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। एजेंसी ने कहा है कि नई परीक्षा की तारीख और प्रवेश पत्र से जुड़ी जानकारी जल्द जारी की जाएगी। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें और बिल्कुल भी ध्यान ना दें।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

परीक्षा रद्द होने के बाद राजनीति भी गर्मा गई है। कई छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि लाखों छात्रों ने कठिन मेहनत की, परिवारों ने त्याग किए, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ तनाव और अनिश्चितता मिली। उन्होंने यह भी कहा कि हर बार गड़बड़ी होने के बाद भी असली दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।

छात्रों के सामने फिर बड़ी चुनौती

अब सबसे बड़ी चिंता उन छात्रों की है जो लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दोबारा परीक्षा होने से उन्हें फिर से पढ़ाई में जुटना होगा। कई छात्र मानसिक रूप से थक चुके हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पाने का सपना पूरा करने के लिए उन्हें एक बार फिर मेहनत करनी पड़ेगी। देशभर के छात्र अब नई परीक्षा तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। सभी की नजर इस बात पर है कि अगली बार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जाए ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिल सके।

Created On :   12 May 2026 4:37 PM IST

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