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NHAI: देश में अगले 5 वर्षों में बनाए जाएंगे 23 एक्सप्रेसवे, नए राजमार्ग, लागत और समय की 50% तक कम होने की गुंजाइश

August 13th, 2020 23:40 IST
NHAI: देश में अगले 5 वर्षों में बनाए जाएंगे 23 एक्सप्रेसवे, नए राजमार्ग, लागत और समय की 50% तक कम होने की गुंजाइश

हाईलाइट

  • NHAI ने 23 नए राजमार्गों के लिए समयरेखा निर्धारित की
  • एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक नेटवर्क शामिल है
  • लागत और समय की 50% तक कम होने की गुंजाइश

डिजिटल डेसाक, नई दिल्ली। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 23 नए राजमार्गों के लिए समयरेखा निर्धारित की है, जिसमें एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक नेटवर्क शामिल है। ये मार्च 2025 तक तैयार हो जाएगा। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद-धोलेरा और अमृतसर-जामनगर सहित चार एक्सप्रेसवे मार्च 2023 तक पूरा होने के लिए निर्धारित है। मार्च 2024 तक नौ और तैयार हो जाएंगे। NHAI की तैयार एक स्टेटस रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2025 तक नौ अन्य ग्रीनफील्ड राजमार्ग पूरे हो जाएंगे। 


सोर्स- टाइम्स ऑफ इंडिया

देश के इन बड़े शहरों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
इन एक्सप्रेसवे की संयुक्त लंबाई 7,800 किमी के करीब है और अगले पांच वर्षों में लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। एक्सप्रेसवे का यह नेटवर्क सूरत, सोलापुर, लखनऊ, विजाग, चेन्नई, बेंगलुरु, विजवाड़ा, रायपुर, कोटा, खड़गपुर और सिलीगुड़ी को जोड़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि 2023 और 2024 की समयसीमा वाली परियोजनाओं के लिए अगले साल तक बोली लगाई जाएगी। इस कदम का उद्देश्य भारी वाहनों सहित लोगों और कार्गो के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करना है। वर्तमान में, भारत में कार्गो वाहन प्रति दिन लगभग 400 किमी की दूरी तय करते हैं, जो वैश्विक मानक से कम से कम 50% कम है। नए कदम से लागत और समय की 50% तक कम होने की गुंजाइश है।

टोल ऑपरेट एंड ट्रांसफर से जुटाएंगे रकम
NHAI इन परियोजनाओं के लिए स्पेशल परपस व्हीकल (SPVs) स्थापित करेगा। SPV दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए NHAI बोर्ड में नीती अयोग और वित्त और राजमार्ग मंत्रालयों के सदस्यों को शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट में किए गए निवेश को टोल कलेक्शन से वसूल किया जाएगा, जिसमें निजी संस्था को 15-20 साल के लिए टोल की नीलामी करना शामिल है। इस मॉडल को टोल ऑपरेट एंड ट्रांसफर (टीओटी) के नाम से जाना जाता है। NHAI के चेयरमैन एस. संधू ने कहा, 'अगर यह मॉडल सफल हो जाता है, तो हम इसे अन्य प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अपनाएंगे।'

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