दैनिक भास्कर हिंदी: J&K: 3 पीडीपी विधायकों की पार्टी से बगावत, बीजेपी का थाम सकते है दामन

August 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बीजेपी से गठबंधन टूटने के बाद अब पीडीपी में बगावती सुर तेज हो गए हैं। पीडीपी के तीन विधायकों ने उनकी पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर पीडीपी को फैमिली डेमोक्रेटिक पार्टी बनाने के आरोप लगाए हैं। नाराज विधायक इमरान अंसारी, आबिद हुसैन अंसारी और मोहम्मद अब्बास वानी ने पीडीपी का दामन छोड़ बीजेपी का दामन थामने के संकेत दिए है। प्रदेश के सीनियर बीजेपी नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता भी कह चुके है कि कई असंतुष्ट विधायक आने वाले दिनों में बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

पार्टी में मामा, मौसा, चाचा और भाई हैं

पूर्व मंत्री इमरान अंसारी ने कहा, महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने वंशवाद और एक परिवार की राजनीति को खत्म करने के लिए पीडीपी का गठन किया था। उनकी मौत के बाद महबूबा ने पार्टी को 'फैमिली डेमोक्रेटिक पार्टी' में तब्दील कर दिया। पार्टी में मामा, मौसा, चाचा और भाई हैं।'' उन्होंने कहा कि जब पार्टी को हाइजैक कर लिया है तो हम पार्टी के लिए क्या कर सकते है? अच्छा होगा की हम पार्टी को ही छोड़ दें। अंसारी से जब पूछा गया कि वो किस पार्टी का दामने थामेंगे तो उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का नेतृत्व बहादुर लोग कर रहे होंगे और पार्टी में परिवारवाद नहीं होगा उस पार्टी में वह शामिल होंगे।

विधायकों से नौकरों की तरह व्यवहार

विधायक आबिद हुसैन अंसारी ने भी इमरान अंसारी की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में विधायकों को तव्वजों नहीं दी जाती है और नौकरों जैसा व्यवहार किया जाता है। वहीं अब्बास वानी ने महबूबा मुफ्ती पर पार्टी को हाईजैक करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंसारी ने पिछले चुनाव में कई सीटों पर जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी लेकिन उनके योगदान को भुला दिया गया। बता दें कि अंसारी एक प्रभावी शिया नेता हैं जिनकी चार विधानसभा क्षेत्रों पर अच्छी पकड़ मानी जाती है।

बीजेपी के पास केवल 25 विधायक

19 जून को बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद से ही अटकलों का दौर जारी है कि पीडीपी के कुछ विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते है और बीजेपी सरकार बना सकती है। हालांकि बीजेपी के लिए सरकार बनाना इतना आसान नहीं है। 87 सदस्यों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बीजेपी के 25 विधायक हैं। जबकि पीडीपी के पास 28 विधायक। सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 44 विधायकों की दरकार है।