दैनिक भास्कर हिंदी: पीएम मोदी की विदेश यात्राएं : 4 साल, 52 देश और 355 करोड़ खर्च

June 29th, 2018

हाईलाइट

  • पीएम के 41 विदेशी दौरों पर अब तक 355 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके है।
  • 48 महीने के अपने शासनकाल में अब तक मोदी 165 दिन देश से बाहर रहे।
  • अप्रैल 2015 का मोदी का तीन देशों का दौरा उनका सबसे महंगा दौरा रहा।
  • 9 दिन के इस दौरे में उन्होंने फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा की थी।
  • सबसे सस्ता विदेशी दौरा 2014 का भूटान का रहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विदेशी दौरों के लिए हमशा से ही विपक्ष के निशाने पर रहे हैं। अब एक आरटीआई में हुए खुलासे ने विपक्ष को मोदी पर निशाना साधने का एक और मौका दे दिया है। दरअसल इस आरटीआई में खुलासा हुआ है कि पीएम के 41 विदेशी दौरों पर अब तक 355 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके है।

2015 का दौरा सबसे महंगा
बेंगलुरु के एक आरटीआई कार्यकर्ता भीमप्पा गडड ने पीएम मोदी के विदेश दौरों से जुड़ी तमाम जानकारियां पीएमओ से मांगी थी। आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार 48 महीने के अपने शासनकाल में अब तक मोदी 165 दिन देश से बाहर रहे। 41 विदेशी दौरों में उन्होंने 52 देशों की यात्रा की जिसमे 355 करोड़ रुपए खर्च हुए। अप्रैल 2015 का मोदी का तीन देशों का दौरा उनका सबसे महंगा दौरा रहा। 9 दिन के इस दौरे में उन्होंने फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा की थी। इस दौरान करीब 31 करोड़ (31,25,78,000) रुपए खर्च हुए। उनका सबसे सस्ता विदेशी दौरा 2014 का भूटान का रहा। इस दौरे पर 2 करोड़ 45 लाख 27 हजार 465 रुपए खर्च हुए थे।

जानकारी से रह गया हैरान
भीमप्पा गडड ने कहा कि मैंने अपनी जिज्ञासा को दूर करने के लिए पीएम की विदेश यात्रा की जानकारी आरटीआई फाइल कर मांगी थी। कुछ साल पहले मैंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के विदेशी दौरों के बारे में भी जानकारी मांगी थी। गडड ने कहा, हाल ही मैंने मीडिया रिपोर्ट्स देखी थी जिसमे प्रधान मंत्री के विदेश यात्राओं की भारी आलोचना की गई थी। इसके बाद मैंने पीएम के विदेश दौरों की जानकारी आरटीआई लगाकर मांगी। जब पीएमओ से मुझे इन दौरों की जानकारी मिली तो मैं हैरान रह गया।

घरेलू दौरों की नहीं मिली जानकारी
गडड ने पीएम के घरेलू दौरौं के बारें में भी जानकारी मांगी थी। उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। इसके साथ-साथ इन दौरों पर सुरक्षा के लिए किए गए खर्च की जानकारी भी आरटीआई में मांगी गई थी। पीएमओ ने सुरक्षा कारणों से ये जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्हें बताया गया कि SPG सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन जो पीएम की सुरक्षा व्यवस्था संभालती है आरटीआई के तहत नहीं आती।