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आडवाणी बोले - मैं करोड़ों हिंदुस्तानियों के लिए खुश हूं, मस्जिद के लिए जमीन देने के फैसले का स्वागत

November 10th, 2019 02:31 IST
आडवाणी बोले - मैं करोड़ों हिंदुस्तानियों के लिए खुश हूं, मस्जिद के लिए जमीन देने के फैसले का स्वागत

हाईलाइट

  • आडवाणी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने आज ऐतिहासिक फैसला दिया है
  • उन्होंने कहा कि मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मैं इसका हिस्सा बना
  • 90 के दशक में अडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए रथ यात्रा निकाली थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शनिवार शाम करीब 6.30 बजे भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि भारत और दुनियाभर में रहने वाले करोड़ों हिंदुस्तानियों के दिल में राम जन्मभूमि के लिए खास जगह है। मैं सभी देशवासियों के लिए खुश हूं। राम और रामायण भारत की संस्कृति, सभ्यता में अहम स्थान रखते हैं। कोर्ट के फैसले से करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान हुआ है। मैं कोर्ट के उस फैसले का भी स्वागत करता हूं, जिसमें जजों की बेंच ने मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है। 

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने आज ऐतिहासिक फैसला दिया है। राम जन्मभूमि को लेकर देश में जो जन आंदोलन चला वो आंदोलन आजादी के आंदोलन के बाद का सबसे बड़ा आंदोलन रहा और मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मैं इसका हिस्सा बना।

उन्होंने कहा कि ये फैसला कई दशक से न्यायिक और गैर न्यायिक मोर्चों पर चलने वाले विवाद का अंत है। चूंकि अब अयोध्या का मंदिर-मस्जिद विवाद खत्म हो चुका है तो वक्त आ गया कि हम अपनी कटुता छोड़कर आपस में सांप्रदायिक सौहार्द और शांति के साथ रहें। राम मंदिर आंदोलन में मैंने हमेशा ये बात कहीं कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण एक शानदार राष्ट्र मंदिर का निर्माण है। सशक्त, संपन्न, शांतिपूर्ण, सौहार्द भरे राष्ट्र निर्माण में जहां सबको न्याय मिले और कोई अलग-थलग न पड़े आइए एक बार फिर हम एक महान उद्देश्य के लिए समर्पित हों।

अडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए निकाली थी रथ यात्रा

गौरतलब है कि आडवाणी ने 90 के दशक में राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने गुजरात के सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा निकाली थी। यही नहीं उस समय लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में राम मंदिर निर्माण कराने का दावा किया था। इसका फायदा बीजेपी को लोकसभा चुनाव में तब हुआ और उसके सांसदों की संख्या लोकसभा में दो से बढ़कर 86 हो गई। आडवाणी की रथ यात्रा ने लगभग 3 दशक पहले काफी सुर्खियां बटोरी। आडवाणी अपने जोशीले और तेजस्वी भाषणों की वजह से हिन्दुत्व के नायक बन गए।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।