दैनिक भास्कर हिंदी: राज्यसभा चुनाव में हार के बाद बसपा को ऐसे रिटर्न गिफ्ट देंगे अखिलेश

March 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। यूपी राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी की हार के बाद समाजवादी पार्टी  के अध्यक्ष अखिलश यादव मायावती को हुए नुकसान की भरपाई की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें हैं कि बसपा उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचाने में विफल रहने के बाद अखिलेश यादव यूपी विधानपरिषद में बसपा के दो उम्मीदवारों को भेज सकते हैं। गौरतलब है कि मई में यूपी विधानपरिषद की 12 सीटें खाली हो रही हैं। आंकड़ों के हिसाब से यहां 10 सीटें बीजेपी के खाते में जा रही हैं, जबकि 2 सीटों पर सपा के सदस्यों के जाने के आसार हैं। कहा जा रहा है कि अखि‍लेश इन दोनों सीटों पर बसपा के उम्‍मीदवारों को भेज सकते हैं।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि अखिलेश यादव ने शनिवार को कार्यकाल खत्‍म होने वाले सपा के विधानपरिषद सदस्‍यों के साथ एक बैठक की है जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर बात की है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सपा फिलहाल 2019 के चुनावों को देखते हुए बसपा से नजदीकी बनाए रखना चाहती है। फूलपुर और गोरखपुर उपचुनावों में मिली सपा-बसपा गठबंधन की सफलता को वह आगामी आम चुनाव में भी जारी रखना चाहती है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के खाते में 9 सीटें आई हैं। वहीं सपा के हाथ 1 सीट लगी है। यहां बसपा को बड़ा झटका लगा। उसके प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर बीजेपी के अनिल अग्रवाल से हार गए हैं। बता दें कि लंबे समय तक यूपी की 10वीं सीट पर सस्पेंस बना रहा था। यहां प्रथम वरीयता के आधार पर बसपा प्रत्याशी आंबेडकर को अधिक वोट मिले थे लेकिन वह 37 वोटों के निर्धारित कोटे को हासिल करने में सफल नहीं हो पाए। बीजेपी के 9वें प्रत्याशी अनिल अग्रवाल ने दूसरी वरीयता के वोट हासिल कर अंबेडकर को हरा दिया।

मायावती को रिटर्न गिफ्ट नहीं दे पाए थे अखिलेश
इस बार बहुजन समाज पार्टी ने गोरखपुर और फूलपुर की लोकसभा सीटों के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया था। बदले में समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में सपोर्ट करने की बात कही थी। सपा फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव तो जीत गई, लेकिन वह बसपा को राज्यसभा चुनाव नहीं जीता पाई। सपा के एक विधायक हरियोम यादव जहां जेल में बंद होने के कारण वोटिंग में हिस्सा नहीं ले पाए, वहीं सपा के एक विधायक ने क्रॉस वोटिंग कर दी। सपा के अन्य विधायकों के भी क्रॉस वोटिंग किए जाने की खबरें हैं। निर्दलीय विधायक राजा भैया ने भी अखिलेश यादव को भरोसा दिलाने के बावजूद बसपा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया।