दैनिक भास्कर हिंदी: अलीगढ़: पसलियां टूटी, आंखों में जख्म...रेप की जांच लायक नहीं बचा शरीर, कटघरे में पुलिस

June 7th, 2019

हाईलाइट

  • कटघरे में उत्तर प्रदेश पुलिस
  • बांए पैर में फ्रैक्चर, दायां हाथ काटा
  • शरीर में पड़े कीड़े, स्पष्ट दिख रही हड्डी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम की निर्मम हत्या ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पुलिस कुछ और कहानी बयान कर रही है तो वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अलग ही जानकारी सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि बच्ची के साथ रेप नहीं हुआ है तो वहीं पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि बच्ची का शव इस लायक ही नहीं बचा था कि रेप की जांच की जा सके।

बताया जा रहा है कि पीड़ित के परिवार वाले सबूत लेकर थाने में बैठे रहे, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। बता दें कि अलीगढ़ के पास टप्पल में 30 मई को एक ढाई साल की बच्ची गायब हुई थी। 2 जून को बच्ची का शव कपड़े में लिपटा घर से 100 मीटर की दूरी पर मिला। बच्ची का शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत हालत में था।

बच्ची के पिता ने पुलिस को दिए बयान में हत्या का शकर जाहिर किया। पिता ने पुलिस को बताया कि जाहिद ने उधार के पांच हजार रुपये को नहीं दिए, बल्कि पैसे मांगने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने जाहिद व उसके पड़ोसी असलम को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। चार जून को हत्या का पर्दाफाश कर दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार दोनों ने हत्या करना कुबूल किया। 

 
पीएम रिपोर्ट में हैवानियत का खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से हैवानियत का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की मौत दम घुटने के कारण हुई है। सभी पसलियां टूटी हुई हैं, आंखों पर जख्म के निशान हैं, लेफ्ट चेस्ट पर काफी पीटा गया है, बायें पैर में फ्रैक्चर है, सीधा हाथ कंधे की तरफ से कटा हुआ है, सिर में भी चोट है। इतना ही नहीं शरीर में कीड़े पड़ गए हैं, जिसके कारण हड्डी तक स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।

पुराना अपराधी है असलम
पुलिस ने इस मामले में जाहिद और असलम को गिरफ्तार किया है। असमल का आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना बताया जा रहा है। उस पर 2014 में अपने रिश्तेदार की बच्ची का यौन शोषण करने और 2017 में दिल्ली के गोकलपुरी में छेड़छाड़ और अपहरण करने का मामला दर्ज है।