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सभी राज्यों में निकाली जाएगी अटल अस्थि कलश यात्रा, मोदी-शाह ने सौंपे कलश

August 22nd, 2018 16:08 IST

हाईलाइट

  • देशभर में निकाली जाएगी अस्थि कलश यात्रा।
  • सभी राज्यों की नदियों में प्रवाहित होंगी अटल जी की अस्थियां।
  • आज पीएम मोदी और अमित शाह सभी प्रदेश अध्यक्षों को सौंपेंगे अस्थि कलश।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए देश के सभी राज्यों में सभाएं की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आज सभी प्रदेश अध्यक्षों को अस्थि कलश सौंपे। अटलजी के अंतिम संस्कार के बाद उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल ने 19 अगस्त को हरिद्वार में अस्थियां प्रवाहित की थी। इस दौरान अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। हालांकि बीजेपी के इस फैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी वोटबैंक की राजनीति कर रही है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ''अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों पर बीजेपी वोट बैंक की राजनीति कर रही है।'' 

पार्टी प्रवक्ता भूपेंद्र यादव ने बताया था कि अटलजी की अस्थियों को देश की 100 नदियों में प्रवाहित किया जाएगा। इसके अलावा, 20 दिनों तक देश के सभी राज्यों में प्रार्थना सभाएं रखी जाएंगी। आज पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली के अशोक रोड़ से सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को कलश सौंपेंगे। जिन्हें सम्मान के साथ सभी राज्यों की पवित्र नदियों में विसर्जित किया जाएगा। दिल्ली में 20 अगस्त को इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रार्थना सभा रखी गई थी। 23 अगस्त को लखनऊ में आयोजन होगा। इससे पहले  योगी सरकार भी अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को प्रदेश के 75 जिलों की 163 नदियों में विसर्जित करने का ऐलान कर चुकी है। इसके अलावा भी कई जिलों में स्मारक बनाने का भी ऐलान किया गया है। राजस्थान में भी वाजपेयी के अस्थि कलश बुधवार को दिल्ली से जयपुर पहुंचेंगे। जयपुर एयरपोर्ट से कलश बीजेपी प्रदेश कार्यालय लाए जाएंगे। स्व.वाजपेयी की अस्थियों को राजस्थान में तीन स्थानों पर प्रवाहित किया जाएगा। अस्थियों को बेणेश्वर धाम, कोटा में चंबल नदी और अजमेर के पुष्कर में प्रवाहित किया जाएगा।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।