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दिल्ली में कोरोना: गृहमंत्री शाह की आपात बैठक, हर रोज 1 लाख से ज्यादा टेस्ट होंगे; DRDO सेंटर में तैयार होंगे 750 ICU बेड 

दिल्ली में कोरोना: गृहमंत्री शाह की आपात बैठक, हर रोज 1 लाख से ज्यादा टेस्ट होंगे; DRDO सेंटर में तैयार होंगे 750 ICU बेड 

हाईलाइट

  • दिल्ली में लागतार बढ़ रहे कोरोना के मामले
  • गृह मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सीएम केजरीवाल और एलजी रहे मौजूद
  • कोरोना पर काबू पाने को लेकर हुई बैठक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने रविवार को आपात बैठक बुलाई। नॉर्थ ब्लॉक में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोविड-19 की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को कम करने के लिए अब हर दिन 1 लाख से ज्यादा टेस्ट होंगे। अभी 40-50 हजार टेस्ट हो रहे हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से DRDO सेंटर में 750 ICU बेड्स भी तैयार करवाया जाएगा। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मौजूद रहे। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली सरकार ने भी आईसीयू बेड बढ़ाए, उसके लिए हमें जिन मशीनों की जरूरत है, उसको देने में केंद्र सरकार मदद करेगी। उसकी मदद से हम दिल्ली सरकार के अस्पतालों में और आइसीयू बेड बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने आने वाले सप्ताह में प्रतिदिन 15 हजार कोरोना वायरस के मरीज आने की आशंका के मद्देनजर बेड बढ़ाने का अनुरोध किया था। दिल्ली सरकार के मुताबिक कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न अस्पतालों में बेड़ बढ़ाने के लिए बहुत गंभीरता से ध्यान दिया है। दिल्ली सरकार ने सभी निजी अस्पतालों से कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने और कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित करने के लिए कहा है।

पिछले सप्ताह दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कोरोना के मरीजों के लिए 33 निजी अस्पतालों में 80 फीसदी आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) बेड दो सप्ताह के लिए आरक्षित करने की अनुमति दे दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए हाइकोर्ट ने कानूनी रोक को हटाते हुए यह आदेश दिया है। आज की तारीख में 16,641 कोविड बेड पूरी दिल्ली के अस्पतालों में हैं। इसमे 5451 बेड दिल्ली सरकार के अस्पतालों में है, जबकि केंद्र सरकार के अस्पतालों में 3721 बेड हैं और शेष बेड अन्य अस्पतालों से उपलब्ध कराए गए हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा

  • दिल्ली में RT-PCR टेस्ट की संख्या दोगुना की जाएगी। जिन इलाकों से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं वहां ICMR की मोबाइल टेस्टिंग वैन चलाई जाएगी। इन वैन पर आकर कोई भी जांच करा सकेगा।
  • MCD के हॉस्पिटल्स को कोविड-19 डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा। यहां हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों का इलाज होगा।
  • ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर, हाई फ्लो नसल कैनुला व अन्य जरूरी इक्यूप्मेंट्स दिल्ली सरकार को दिए जाएंगे।
  • डेडिकेटेड मल्टी डिपार्टमेंट टीम दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। वहां कोविड-19 के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, मरीजों के भर्ती करने के तरीकों और बेड्स की उपलब्धता की जांच करेगी।
  • प्लाजमा डोनेशन और ट्रांसफ्यूजन के मामलों में प्रोटोकॉल दिया जाएगा। इस पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल, एम्स और DG आईसीएमआर के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
  • कंटेनमेंट जोन की पहचान की जाएगी। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, क्वारैंटाइन सुविधाओं और स्क्रीनिंग पर फोकस होगा। CAPF और पैरामेडिकल स्टाफ के डॉक्टर्स को एयर लिफ्ट करके दिल्ली बुलाया जाएगा। 

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस के 3235 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। जबकि संक्रमण से 95 लोगों की मौत हो गई है। राजधानी में रविवार को 21098 जांच की गई हैं। इसमें 9221 आरटी-पीसीआर जांच और 11877 रैपिड एंटीजन जांच शामिल हैं। दिल्ली में अभी पॉजिटिविटी रेट 15.33 प्रतिशत है। रविवार को 7606 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।दिल्ली में अब तक कुल 54,49,570 जांच की गई हैं। राजधानी में अब तक कुल 4,85,405 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इसमें से 4,37,801 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस की वजह से अब तक कुल 7614 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अभी कुल 39,990 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 27089 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। राजधानी में कंटेनमेंट जोन की कुल संख्या 4358  हो गई है।

ठीक होने वालों का आंकड़ा 82 लाख के पार
देश में कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा रविवार को 82 लाख के पार हो गया। अब तक 82 लाख 13 हजार 146 लोग ठीक हो चुके हैं। ओवरऑल संक्रमितों की संख्या 88 लाख 19 हजार 636 हो गई है। इनमें 4 लाख 74 हजार 741 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 1 लाख 29 हजार 791 हो गई है।


 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।