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एंटीलिया केस: स्कॉर्पियो मालिक की मौत के मामले में 25 मार्च तक हिरासत में वझे, विपक्ष ने सरकार को घेरा

एंटीलिया केस: स्कॉर्पियो मालिक की मौत के मामले में 25 मार्च तक हिरासत में वझे, विपक्ष ने सरकार को घेरा

हाईलाइट

  • महाराष्ट्र के गृह विभाग के आदेश पर वझे का ट्रांसफर
  • पत्नी ने कहा था- वझे इस्तेमाल कर रहे थे स्कॉर्पियो
  • स्कॉर्पियो चोरी के नहीं मिले सबूत, NIA और ATS की जांच जारी है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित निवास एंटीलिया के बाहर जिलेटिन छड़ों से लदी एसयूवी मिलने के बाद मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। विवादों में घिरे मुंबई पुलिस के असिस्टेंट इंस्पेक्टर सचिन वझे को NIA की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार एपीआई सचिव वझे को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया गया है। वझे को एनआईए ने शनिवार देर रात 13 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वझे की तबीयत खराब हो गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया था। सेहत में सुधार के बाद एनआईए ने वझे को रविवार को विशेष एनआईए कोर्ट में पेश किया। एनआईए के वकील ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है। इस मामले में दूसरे आरोपियों को वझे के सामने बिठाकर पूछताछ की जानी है। जिससे इस बात का पता चल सके कि यह साजिश आखिर क्यों रची गई। परिस्थितिजन्य सबूतों से यह साफ है कि वजे इस मामले में शामिल है। इसलिए पूरी साजिश के खुलासे के लिए हिरासत में उससे पूछताछ जरूरी है। एनआईए ने वझे की 14 दिन की हिरासत मांगी थी लेकिन अदालत ने सुनवाई के बाद उसे 25 मार्च तक हिरासत में भेज दिया। वहीं अब तक हुई पूछताछ के दौरान वझे ने मामले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। एनआईए अधिकारियों से वझे ने दावा किया कि उसने प्रसिद्धा हासिल करने के लिए ऐसा किया है लेकिन एनआईए अधिकारियों को वझे के दावे पर भरोसा नहीं है। इस मामले में मुंबई पुलिस के कुछ और अधिकारियों पर शिकंजा कस सकता है।

वझे की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा

एपीआई सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेताओं ने सरकार  पर चौतरफा हमला किया है। मामले में विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फजणवीस ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सवाल उठाए हैं। तो भाजपा नेता नारायण राणे ने तो राज्य सरकार बर्खास्त कर राष्ट्रपति  शासन लगाने की मांग कर दी है। वहीं शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने वझे का बचाव करते हुए मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच पर सवाल उठए हैं। फडणवीस ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंटालिया बम मामले में जिस  तरह से चीजे सामने आईं हैं और वझे की गिरफ्तारी हुई है उससे सरकार पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। हम लगातार कह रहे थे कि यह गंभीर घटना है और वझे के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन इस समय मुख्यमंत्री और गृहमंत्री वकील की तरह उनका बचाव कर रहे थे।  अभी मामले का एक ही पहलू बाहर आया है। मनसुख हिरेन की हत्या का मामला और ज्यादा गंभीर है। इस मामले की जांच के बाद खुलासा होगा कि इसमें कौन लोग शामिल हैं इसके पीछे की मंशा क्या है। उन्होंने कहा कि एपीआई वझे हाईकोर्ट के आदेश पर 16 सालों से निलंबित थे। जब मैं गृहमंत्री और मुख्यमंत्री था शिवसेना के कई नेता मेरे पास आए थे और उन्हें पुलिससेवा में बहाल करने की मांग की थी।  उस समय मैंने एडवोकेट जनरल को पूरी फाइल दिखाई थी और उन्होंने वझे को वापस बहाल न करने की सलाह दी थी। नई सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कोरोना के बहाने न सिर्फ वझे को बहाल किया बल्कि उनको मुंबई पुलिस की सबसे अहम इकाई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीआईयू के प्रमुख इंस्पेक्टर होता है लेकिन उसे रातों रात हटाकर 16 साल से निलंबित एपीआई को उसका प्रमुख बनाया गया। इसके बाद सभी अहम मामलों की जांच उनके हवाले कर दी गई। निवंबन के दौरान वे शिवसेना के प्रवक्ता बनाए गए थे। इस मामले में अभी आधा सच सामने आया है हमें उम्मीद है कि पूरा सच जल्द ही बाहर आएगा। वहीं भाजपा नेता नारायण राणे ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य में खराब कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। मीडिया से बातचीत में कहा कि वझे का गॉडफादर कौन है यह जांच में सामने आ जाएगा। लेकिन राज्य में आम लोग सुरक्षित नहीं है निर्दोषों की हत्या की जा रही है। इसलिए मैंने राष्ट्रपित शासन लगाने की मांग की है।

उद्धव ठाकरे ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया-पाटील

भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने सचिन वझे का समर्थन कर महाराष्ट्र की छवि को धक्का पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्म की बात है कि एक पुलिस अधिकारी जिसे राज्य के मुख्यमंत्री तक पूरा संरक्षण दे रहे थे, उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा एक आतंकी गतिविधि के षड़यंत्र में गिरफ्तार किया है। उद्धव ठाकरे जी, क्या अभी भी आपको नहीं लगता है कि एक भ्रष्ट अधिकारी के पक्ष में सार्वजनिक बयान जारी करके आपने हमारे राज्य की छवि को गहरा धक्का नहीं पहुंचाया है? वहीं भाजापा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि वझे के शिवसेना नेताओं के साथ व्यावसायिक संबंध हैं।वझे के छह कारोबार हैं और वे शिनसेना नेताओं संजय म्हाशेलकर और विजय गवई के साथ कारोबार में हिस्सेदार हैं।

वझे के बचाव में शिवसेना

शिवसेना  के प्रवक्ता संजय राऊत ने गिरफ्तारी के बावजूद वझे का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि वझे ईमानदार और सक्षम अधिकारी हैं। अंटीलिया के बाहर कार में मिली जिलेटिन की  छड़ों की जांच की जिम्मेदारी मुंबई पुलिस की थी। इसकी जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां बार-बार मुंबई में दाखिल होतीं हैं और पुलिस का मनोबल गिराती हैं। राज्य में अस्थिरता पैदा करतीं हैं। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने स्थानीय मामला बताते हुए वझे की गिरफ्तारी पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। सच सामने आएगा और जो दोषी होगा इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया से मिली गिरफ्तारी की जानकारी-सुधर्म वझे

गिरफ्कार एपीआई सचिव वझे के भाई सुधर्म ने रविवार को मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके भाई को मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार को सचिन की गिरफ्कारी की जानकारी मीडिया के जरिए मिली। जांच एजेंसी ने उनसे संपर्क नहीं किया
 

मुंबई पुलिस की ही थी संदिग्ध इनोवा कार
विस्फोटक भरी स्कॉर्पियों को अंटालिया के पास खड़ी करने के बाद आरोपी जिस इनोवा कार में भागे थे वह कार क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) की ही थी जिसके प्रमुख सचिन वझे थे। सीआईयू की इस कार का इस्तेमाल कर रही थी इसके पीछे पुलिस भी लिखा हुआ है। जांच में एक और हैरान करने वाला खुलासा  हुआ है। कार को जान बूझकर खराब कर  मरम्मत के लिए मुंबई पुलिस के मोटर टांसपोर्ट विभाग में भेज दिया गया था जिससे इसे दूसरों की नजर में आने से बचाया जा सके। इस मामले में सीआईयू के दो अधिकारियों और दो ड्राइवरों से एनआईए पूछताछ कर रही है। जिन लोगों से पूछताछ की जा रही है उसमें रियाज काजी नाम का पुलिस अधिकारी भी है जो वझे का करीबी माना जाता है। शक है कि इस साजिश में  5-7 लोग शामिल हो सकते हैं। ठाणे का एक कारोबारी भी संदेह के घेरे में है।

उसी स्कॉर्पियो से अर्णब के घर गए थे वझे?
अंटीलिया के पास मिली विस्फोटक भरी स्कॉर्पियो कार का वझे पहले से इस्तेमाल कर रहे थे इसके सबूत मिले हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी में अलीबाग पुलिस की मदद करने पहुंचे सचिव वझे ने इसी कार का इस्तेमाल किया था। मनसुख हत्या मामले की जांच कर रही एटीएस के हाथ सीसीटीवी भी लगी है जिसमें कार नजर आ रही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि  कार पर लगाया गया रजिस्ट्रेशन नंबर भी फर्जी था। मनसुख हिरेन की पत्नी अपने बयान में पुलिस को बता चुकी हैं कि चार महीने तक स्कॉर्पियो कार वझे  के पास ही थी और 5 मार्च को उन्होंने ड्राइवर के जरिए कार वापस मनसुख के पास भेजी थी।  

वॉट्सएप स्टेटस ने चौंकाया

इससे पहले मुंबई पुलिस के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे के वॉट्सएप स्टेटस ने चौंका दिया। उन्होंने इस पर लिखा- ‘मुझे फंसा रहे हैं, अब दुनिया से अलविदा होने का समय आ गया है।’ हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश पर वझे ने अपना यह स्टेटस हटा लिया है।

वॉट्सएप स्टेटस में यह लिखा था
एपीआई वझे ने लिखा था, ‘3 मार्च 2004 को, सीआईडी में मेरे सहयोगियों ने मुझे झूठे आरोप में गिरफ्तार किया था। वह मामला अभी भी क्लियर नहीं हुआ है, लेकिन अब इतिहास खुद को दोहरा रहा है। मेरे सहकर्मी अब मेरे लिए फिर से एक जाल बिछा रहे हैं। तब और अब की स्थिति में थोड़ा अंतर है। उस समय मेरे पास 17 साल का धैर्य, आशा, जीवन और सेवा थी, लेकिन अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन है और न ही सेवा। बचने की कोई उम्मीद नहीं। यह दुनिया को अलविदा कहने का समय है।’

क्यों हैं वझे विवादों में 
मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। बता दें, मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर बरामद हुई एसयूवी के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एपीआई वझे पर आरोल लगे हैं। मनसुख की मौत के मामले में महाराष्ट्र ATS ने हत्या और आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज किया है। मनसुख की पत्नी विमला हिरेन ने वझे पर पति की हत्या में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। ये आरोप विमला हिरेन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र के जरिए लगाए थे। इसका खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पिछले हफ्ते किया।

महाराष्ट्र के गृह विभाग के आदेश पर वझे का ट्रांसफर 
महाराष्ट्र के गृह विभाग के आदेश पर शुक्रवार को उनका तबादला मुंबई पुलिस के अपराध गुप्तचर इकाई से नागरिक सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। यह आदेश शुक्रवार 12 मार्च देर शाम जारी किया गया। वझे ने भी खुद को क्राइम ब्रांच से हटाने की पुष्टि की है। 10 मार्च को विपक्ष के हंगामे के बाद वझे का ट्रांसफर करने की बात गृह मंत्री अनिल देशमुख ने की थी।

पत्नी ने कहा था- वझे इस्तेमाल कर रहे थे स्कॉर्पियो
स्कार्पियो मिलने के करीब एक सप्ताह बाद मनसुख हिरेन का शव उनके घर से सात किलोमीटर दूर ठाणे की समुद्री खाड़ी में पाया गया। इसके बाद उनकी पत्नी ने खुलासा किया कि उक्त स्कार्पियो कार पिछले चार महीने से API सचिन वझे ही इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने ATS को दर्ज कराए अपने बयान में भी सचिन वझे पर ही हत्या का शक जाहिर किया है।

स्कॉर्पियो चोरी के नहीं मिले सबूत
मुकेश अंबानी के घर के बाहर से बरामद विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक कार के चेचिस और इंजन नंबर को ग्राइंडर से मिटाने की कोशिश की गई थी। कार का गेट खोलने के लिए या चोरी करने के लिए किसी छेड़छाड़, तोड़फोड़ या फोर्स एंट्री के कोई सबूत नहीं मिले हैं। यानी की कार चोरी करने वाले व्यक्ति को बेहद आसानी से कार चोरी करने में सफलता मिली।

NIA और ATS की जांच जारी है
हिरेन ने कहा था कि उन्होंने वाहन को सड़क पर छोड़ दिया था, क्योंकि उसकी स्टीयरिंग 17 फरवरी की रात को जाम हो गई थी। सूत्रों ने बताया कि इस बीच, शुक्रवार को NIA की एक टीम मामले से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए ठाणे के पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करने पहुंची थी। हिरेन की मौत की जांच कर रही महाराष्ट्र ATS ने भी ठाणे में कुछ व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं।

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