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अनुराग ठाकुर के मोबाइल अस्पतालों का कमाल, सीमा पर स्क्रीनिंग तो घर पर इलाज

June 11th, 2020 19:00 IST
 अनुराग ठाकुर के मोबाइल अस्पतालों का कमाल, सीमा पर स्क्रीनिंग तो घर पर इलाज

हाईलाइट

  • अनुराग ठाकुर के मोबाइल अस्पतालों का कमाल, सीमा पर स्क्रीनिंग तो घर पर इलाज

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। लॉकडाउन के दौरान हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर आपको कुछ चलते-फिरते अस्पताल मिलेंगे, जिनके जरिए राज्य में बाहर से दाखिल होने वाले लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है। वाहनों में संचालित इन मोबाइल अस्पतालों में सारी व्यवस्था है। चाहे 40 तरह के टेस्ट हों या फिर डॉक्टर से इलाज की सुविधा। वाहनों पर अनुराग ठाकुर की तस्वीर लगी होने के कारण तुरंत पता चलता है कि यह उनकी निजी पहल है। पिछले तीन महीने से हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर कोरोना स्क्रीनिंग के लिए उन्होंने ऐसे 17 मोबाइल अस्पतालों की व्यवस्था की है, जिनमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ दवाओं के साथ उपलब्ध हैं।

इस तरह के मोबाइल अस्पतालों ने अब तक बाहर से हिमाचल प्रदेश की सीमा में दाखिल होने वाले 30 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग की है। ताकि हिमाचल प्रदेश में कोरोना को बढ़ने से रोका जा सके। यह कवायद अनुराग ठाकुर की सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा(एसएमएस) का ही हिस्सा है, जो उन्होंने दो साल पहले शुरू की थी। पिछले दो साल के भीतर अनुराग ठाकुर की इस पहल से हिमाचल प्रदेश में उनके संसदीय क्षेत्र हमीरपुर के दो लाख से अधिक मरीजों का घर ही इलाज संभव हुआ है।

दरअसल, संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में सुदूर पहाड़ी इलाकों में तमाम गांव बसे हैं। बीमार होने पर लोगों की मुश्किलें बढ़ जातीं हैं। अस्पताल तक आने के लिए लोगों को पापड़ बेलने पड़ते हैं। इसे देखते हुए दो साल पहले स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोचा कि क्यों ने ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे लोग अस्पताल न जाएं बल्कि अस्पताल ही उनके घर पहुंचे। इसी सोच के साथ उन्होंने सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा के तहत मोबाइल अस्पताल का संचालन शुरू किया। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र हमीरपुर के सभी 17 विधानसभाओं के लिए एक-एक गाड़ियों की व्यवस्था कर एंबुलेंस मॉडल में मोबाइल अस्पताल व्यवस्था शुरू की। अब इन मोबाइल अस्पतालों को सीमा पर लोगों की स्क्रीनिंग के लिए लगाया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने आईएएनएस को बताया, हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के 5 जिलों,17 विधानसभाओं, 800 पंचायतों के 5000 गांवों में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन हो रहा है। इस अस्पताल सेवा में लिपिड प्रोफाइल, एलएफटी, केएफटी, क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड, बीयूएन, शुगर,ग्लूकोज, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी जैसे 40 टेस्ट और दवाएं रोगियों को मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। पिछले तीन महीने से मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए राज्य की सीमा पर बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है।

अनुराग ठाकुर ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इस वैश्विक महामारी से लड़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय भी देखने को मिला है। इसी क्रम में हमीरपुर संसदीय में क्षेत्र में चलाई जा रही सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा भी कोरोना महामारी से निपटने में हिमाचल वासियों का पूरा सहयोग कर रही है। प्रदेश सरकार के साथ साथ मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की जांच यूनिट भी बाहर से प्रदेश में आने वाले सभी प्रवासियों का राज्य की सीमा पर कोरोना का टेस्ट कर रहीं है। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ने अब तक 30000 से ज्यादा लोगों का कोरोना की प्राथमिक जांच करके उपयोगिता साबित कर दी है।

अनुराग ठाकुर ने कहा, दो साल पहले सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा शुरू करने के पीछे संसदीय क्षेत्र के लोगों को घर पर ही स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की मंशा थी। कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के बाद इस सुविधा की अहमियत और बढ़ गई।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।