दैनिक भास्कर हिंदी: अरुण जेटली बोले- भारत को कुमारस्वामी जैसे बेचारों की कोई जरूरत नहीं

July 17th, 2018

हाईलाइट

  • केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने साधा कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी पर निशाना।
  • भारतीय राजनेता बिलकुल भी बेचारा या कमजोर व्यक्ति नहीं हो सकता।
  • कुमारस्वामी ऐसे बेतुके बयान देकर ट्रेजडी किंग तो नहीं बनना चाहते हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कर्नाटक के CM कुमारस्वामी पर हमला करते हुए सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने कुमारस्वामी के एक कार्यक्रम में रोने को लेकर तंज कसते हुए लिखा कि भारतीय राजनेता बिलकुल भी बेचारा या कमजोर व्यक्ति नहीं हो सकता। दरअसल जेटली ने यह पोस्ट कुमारस्वामी के उस बयान पर लिखा, जिसमें उन्होंने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि, मैं वो बेचारा हूं जो अपने दर्द को खुद ही सह रहा है और यह जहर से कम नहीं है।

जेटली ने लिखा कि यह बहुत बेतुका बयान है। एक तो पहले गठबंधन बनाओ और फिर उसी को लेकर नौटंकी करो। कुमारस्वामी का यह बयान सुनकर ऐसा लग रहा है, जैसे मैं हिंदी सिनेमा के उस दौर में पहुंच गया हूं जब ऐसे इमोशनल डायलॉग मारे जाते थे। जब उन्हें पता था कि हमारी विचारधारा अलग है तो उन्होंने गठबंधन का सोच भी कैसे लिया। अगर सोच भी लिया तो वह इससे देश को भुगतने के लिए क्यों छोड़ रहे हैं। CM कुमारस्वामी ऐसे बेतुके बयान देकर ट्रेजडी किंग तो नहीं बनना चाहते हैं। भारत के प्रधानमंत्री और सरकार को आज कितने चैलेंज फेस करने होते हैं। ऐसे में कुमारस्वामी कैसे इस चैलेंज से किनारा कर सकते हैं।

जेटली ने कर्नाटक में जनता दल सेक्यूलर और कांग्रेस के गठबंधन के सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि यह एक बिना विचार धारा वाली मौका परस्त सरकार है। इनका कोई एजेंडा नहीं है। इनका बस एक मोटिव है, मोदी को दूर रखने का। यह पार्टियां पहले तो खुद गड्ढ़े खोदती हैं और फिर खुद ही उसमें गिरने की नौटंकी करते हैं। इनका उद्देश्य खुद का बचाव करने का होता है। देश के लिए इनकी कोई जवाब देही नहीं होती।

जेटली ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, कांग्रेस बस यह चाहती है कि इस देश में एक ही परिवार का रूल हो। इस देश में परिवारवाद लाने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। अगर कोई दूसरा आगे बढ़ना भी चाहे तो उन्हें कुमारस्वामी की तरह सबके सामने रोना पड़ता है। जेटली ने कहा कि कांग्रेस ठीक वैसे ही धोखा कर रही है, जैसा उन्होंने चरण सिंह, चंद्रशेखर, देवगौड़ा और गुजराल के साथ किया था।

आगामी लोकसभा चुनाव पर तीसरे फ्रंट के बनने की खबर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ऐसी चर्चा तो हर चुनाव में होती है। अलग-अलग विचारधारा वाले राजनीतिक दल एक ग्रुप में आने की बात कर रहे हैं। इनमें से कुछ तो स्वाभाविक हैं और कुछ समय समय पर अपनी विचारधारा बदलते रहते हैं। इनमें TMC, DMK, TDP, BSP और JD(S) जैसी पार्टियां शामिल हैं। भाजपा को इनसे चुनाव में कोई भी दिक्कत नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि, भारत को एक मजबूत सरकार की जरूरत है और NDA सरकार ने भारत में विकास किया है। NDA ने भारत से गरीबी दूर की है और भारत को वर्ल्ड की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी बनाया है। हमें इसमें सुधार के लिए दस साल की जरूरत है।

बता दें कि शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कुमारस्वामी का दर्द सबके सामने छलका था। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू भी थे। कुमारस्वामी ने कहा, पार्टी के लोग इस बात से खुश हैं कि उनके अन्ना या थम्मा (भाई) सीएम बने हैं लेकिन वह मौजूदा हालात से दुखी हैं। कुमारस्वामी ने कहा, कोई नहीं जानता लोन माफी के लिए अधिकारियों को मनाने के लिए मुझे कितनी मशक्कत करनी पड़ी है। अगर मैं चाहूं तो दो घंटों के भीतर सीएम का पद छोड़ दूं।