दैनिक भास्कर हिंदी: अरविंद केजरीवाल ने जेटली से माफी मांगी, कहा- आरोपों के मेरे पास कोई सबूत नहीं

April 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को मानहानि केस में वित्त मंत्री अरुण जेटली से माफी मांग ली। उनके साथ ही आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष, संजय सिंह, दीपक वाजपेयी और राघव चड्ढा ने भी अरुण जेटली से भी माफी मांगी है। दरअसल, 2015 में अरुण जेटली पर आप नेताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद जेटली ने अरविंद केजरीवाल समेत 5 नेताओं पर मानहानि का केस दायर किया था। इसी मामले में केजरीवाल ने रविवार को जेटली को माफीनामा भेजा है। इस लेटर में केजरीवाल ने लिखा है कि मैंने आप पर जो आरोप लगाए थे, उनके सबूत नहीं हैं। बता दें कि इससे पहले केजरीवाल मानहानि के मामले में कई नेताओं से माफी मांग चुके हैं।

केजरीवाल ने माफी मांगते हुए क्या कहा?

रविवार को अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के पांच नेताओं ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से माफी मांगी। केजरीवाल ने जेटली को लेटर लिखकर कहा लगाए गए आरोपों पर माफी मांगी है। केजरीवाल ने अपने लेटर में माफी मांगते हुए कहा कि 'मैंने आप पर दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के प्रेसिडेंट के कार्यकाल को लेकर दिसंबर 2015 में आरोप लगाए थे। ये जानकारियां मुझे निजी तौर पर कुछ लोगों की तरफ से दी गई थीं, लेकिन ये गलत थीं और किसी आरोपों के सबूत नहीं मिल सके।' यही बात आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष, संजय सिंह, दीपक वाजपेयी और राघव चड्ढा ने अपने लेटर में कही है।

 



जेटली ने दर्ज कराए थे दो केस

बता दें कि अरुण जेटली ने अरविंद केजरीवाल पर 2 केस दर्ज कराए थे। पहला केस अरविंद केजरीवाल की तरफ से DDCA घोटाले के आरोप को लेकर दर्ज कराया गया था। जबकि दूसरा केस मई 2017 में दर्ज कराया गया था। दरअसल, सीनियर एडवोकेट राम जेठमलानी अरविंद केजरीवाल की तरफ से केस लड़ रहे थे, तभी सुनवाई के दौरान जेठमलानी ने कथित तौर पर अरुण जेटली को अपशब्द कहे, जिसके बाद जेटली ने पिछले साल मई में एक और मानहानि का केस दर्ज कराया था। अरुण जेटली ने मानहानि के ये दोनों केस 10 करोड़ रुपए के दर्ज कराए थे। सबसे पहला केस जेटली ने 21 दिसंबर 2015 को केजरीवाल और आम के 5 नेताओं पर मानहानि का केस दर्ज कराया था।

क्या है पूरा मामला? 

साल 2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अरुण जेटली पर DDCA के प्रेसिडेंट रहने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कई मंचों से कई सौ करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए ते। बिना सबूतों के आरोप लगाने पर पहले तो जेटली ने केजरीवाल को मानहानि का केस करने की चेतावनी दी। जेटली की इस चेतावनी को केजरीवाल और आप नेताओं ने एक धमकी के तौर पर लिया और कहा कि कोर्ट में सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। इसके बाद अरुण जेटली ने केजरीवाल पर 10 करोड़ रुपए का मानहानि का केस दायर कर दिया। 

इस मामले में अरविंद केजरीवाल की तरफ से सीनियर एडवोकेट राम जेठमलानी पैरवी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान राम जेठमलानी और अरुण जेटली के बीच कई बार तीखी बहस भी देखने को मिली, जिसका असर कोर्ट रूम में भी देखने को मिला। राम जेठमलानी ने सुनवाई के दौरान जेटली के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सफाई देते हुए जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने ये सब बातें अरविंद केजरीवाल के कहने पर कही है। जिसके बाद जेटली ने केजरीवाल पर एक और मानहानि केस दायर कर दिया। 

सिब्बल और गडकरी से मांगी थी माफी

केजरीवाल ने पिछले महीने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से माफी मांगी थी। अरविंद केजरीवाल ने जनवरी 2014 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नितिन गडकरी को भ्रष्टाचारी बताया था, जिसके बाद गडकरी ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि केस दायर कर दिया था। इसी मामले में केजरीवाल ने पिछले महीने नितिन गडकरी से लेटर लिखकर माफी मांगी थी। इसके साथ ही केजरीवाल ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और अमित सिब्बल पर भी आरोप लगाने के कारण माफी मांगी थी।

सबसे पहले मजीठिया से मांगी थी माफी

सबसे पहले अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के पूर्व मंत्री और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगी थी। दरअसल, 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल ने मजीठिया पर ड्रग्स के धंधे में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आती है, तो मजीठिया को जेल भेजा जाएगा। केजरीवाल के इन आरोपों के बाद मजीठिया ने उनके खिलाफ मानहानि का दावा ठोक दिया था। जिसके बाद केजरीवाल ने मजीठिया से लिखित में माफी मांगी है। इस कदम के बाद पंजाब आप के नेताओं में फूट पड़ गई और भगवंत मान ने तो पार्टी ही छोड़ दी।