दैनिक भास्कर हिंदी: Economy: 11 साल के निचले स्‍तर पर देश की GDP, वित्त वर्ष 2019-20 की वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत, इकोनॉमी में 2009 की मंदी जैसा माहौल

May 30th, 2020

हाईलाइट

  • राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका
  • पिछले साल 6.1 % रही थी जीडीपी की वृद्धि दर
  • आगे रिवाइज हो सकता है जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना महासंकट के दौर में विनिर्माण (Manufacturing) और निर्माण गतिविधियों में भारी गिरावट के कारण वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) गिरकर 3.1 प्रतिशत पर आ गया, जो तीसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत था। इसके परिणाम स्वरूप वित्त वर्ष 2020 का जीडीपी गिरकर 4.2 प्रतिशत पर आ गया, जो वित्त वर्ष 2019 में 6.1 प्रतिशत था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। माना जा रहा है कि वृद्धि दर के आंकड़ों पर कोविड-19 संकट का प्रभाव भी पड़ा है। 

बता दें कि इससे पहले साल 2009 में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के समय वित्त वर्ष 2008-09 (अप्रैल से मार्च) में देश की जीडीपी यानी विकास दर 3.09 फीसदी रही थी। तब जीडीपी के इन आंकड़ों पर वैश्‍विक मंदी का साया था। आज करीब 11 साल बाद देश की जीडीपी एक बार फिर उसी स्‍तर के करीब जा पहुंची है। 

राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका
क्रमिक आधार पर तिमाही वृद्धि दर 2019-20 की पहली तिमाही में 5.2 प्रतिशत थी, जो दूसरी तिमाही में घटकर 4.4 प्रतिशत रह गई, और तीसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था को उच्च जीएसटी दरों, कृषि संकट, स्थिर वेतन और तरलता की कमी के कारण मांग में गंभीर गिरावट का सामना करना पड़ा था। इस समय कोविड-19 के प्रकोप से बचने के लिए लागू राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका लगा है।

पिछले साल 6.1 %  रही थी जीडीपी की वृद्धि दर
इससे पहले अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.7 % थी। जबकि 2019 के पूरे साल के दौरान यह वृद्धि दर 6.1 % थी। भारत की रियल जीडीपी की बात करें तो यह इस समय 145.66 लाख करोड़ रुपए पर टिकी है। चौथी तिमाही की जीडीपी 38.04 लाख करोड़ रुपए रही है जो 2018-19 में समान अवधि में 36.90 लाख करोड़ रुपए थी। वित्तीय वर्ष 2019 में पहले रिवाइज के दौरान यह आंकड़ा 139.81 लाख करोड़ रुपए था।

आगे रिवाइज हो सकता है जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान
सरकार ने इस दौरान पहली, दूसरी, तीसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों को रिवाइज किया है। इसके अनुसार यह आंकड़ा 5.2, 4.4 और 4.1 % रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार कोविड-19 और लगातार चल रहे लॉकडाउन की वजह से जीडीपी वृद्धि के अनुमान को आगे भी रिवाइज कर सकती है। सांख्यिकीय मंत्रालय ने इस तरह का संकेत दिया है कि तिमाही और सालाना अनुमान आगे रिवाइज किया जा सकता है।

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