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दत्तक पुत्री नमिता ने दी पिता अटलजी को मुखाग्नि, यूपी की नदियों में विसर्जित होंगी अस्थियां

दत्तक पुत्री नमिता ने दी पिता अटलजी को मुखाग्नि, यूपी की नदियों में विसर्जित होंगी अस्थियां

हाईलाइट

  • भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, सम्मानीय राजनेता, महान कवि, पत्रकार और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का गुरुवार को निधन हो गया।
  • वाजपेयी जी का अंतिम संस्कार राजधानी दिल्ली के स्मृति स्थल (राजघाट और विजयघाट के पास) में किया गया।
  • वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अटलजी को दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय राजनीति का एक जगमगाता सूरज अस्त हो गया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, सम्मानीय राजनेता, महान कवि, पत्रकार और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का गुरुवार को निधन हो गया था। उन्होंने एम्स में 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली। 93 साल के अटलजी लंबे वक्त से बीमार थे और 2009 से व्हीलचेयर पर थे। वाजपेयी जी का अंतिम संस्कार राजधानी दिल्ली के स्मृति स्थल (राजघाट और विजयघाट के पास) में किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अटलजी को दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी। इससे पहले जिस तिरंगे को अटलजी के शरीर पर चढ़ाया गया था, उसे उनकी नातिन निहारिका को सौंपा गया।


बता दें कि शुक्रवार सुबह को ही तिरंगे में लिपटे हुए अटलजी के पार्थिव शरीर को दिल्ली स्थित उनके घर 6 A कृष्णा मेनन मार्ग से भाजपा कार्यालय लाया गया था। यहां उनके पार्थिव शरीर को दर्शन के लिए रखा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी चीफ अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह कार्यालय में मौजूद रहे। रास्ते में लोगों की काफी भीड़ लगी रही। लोग आखिरी बार अटलजी के अंतिम दर्शन करने सड़क के दोनों तरफ खड़े थे। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।

शुक्रवार की दोपहर 2 बजे से वाजपेयी जी की अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो दीन दयाल मार्ग से डीडीयू मार्ग, बहादुरशाह ज़फर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, निषादराज मार्ग, रिंग रोड और फिर राजघाट के सामने से होते हुए स्मृति स्थल पहुंची। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी चीफ अमित शाह अंतिम यात्रा के साथ पैदल चलते रहे। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी। पाकिस्तान के कानून मंत्री सैयद अली जफर भी अंतिम संस्कार में पहुंचे। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा और वायुसेना प्रमुख बिरेंद्र सिंह धनोआ ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी। अटल जी की अंतिम यात्रा पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

UPDATES....
 

9.25 PM : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- अटलजी के रूप में हमने एक अच्छा स्वंयसेवक खोया है। यह हम सबके लिए बड़ी हानि है।

6.42 PM : भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियों को उत्तर प्रदेश की सभी नदियों में विसर्जित की जाएंगी। इन नदियों में प्रमुख गंगा, यमुना, ताप्ती, चंबल, घाघरा आदि हैं।

6.23 PM : पीएम मोदी ने कहा- अटलजी आप हमेशा प्रत्येक भारतीय के दिल और दिमाग में जिंदा रहेंगे।

5.12 PM : अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, पाकिस्तान के कानून मंत्री सैयद अली जफर, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावाली और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी अटलजी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

04.56 PM  : अटल जी को उनकी दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी।


04.40 PM  : अटल जी की बेटी नमिता और नातिन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।
04.38 PM  : अटल जी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू। मंत्रोच्चार किया जा रहा है।
04.30 PM  : पार्थिव शरीर पर लिपटे तिरंगे को उनकी नातिन निहारिका को सौंपा गया।

4.40 PM : उनके भतीजे, भांजे और रिश्तेदारों ने धार्मिक क्रियाएं पूरी की
4.40 PM : अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरु
4.35 PM : अटल जी को अर्थी पर रखा गया।

4.29 PM : पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अंतिम विदाई देने पहुंचे।


04.25 PM  : बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी।


04.19 PM  :भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।


04.15 PM  : पाकिस्तान के कानून मंत्री सैयद अली जफर भी अंतिम संस्कार में पहुंचे।
04.00 PM  :आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा और वायुसेना प्रमुख बिरेंद्र सिंह धनोआ ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी।


03.55 PM  : फ्रांस ने स्टेटमेंट जारी किया। कवि, राजनीतिक और दूरदर्शी अटल जी भारत पर अपनी छाप छोड़ गए। उनका नाम भारत और फ्रांस की दोस्ती के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने दोनों देशों को 1998 से एक सूत्र के रूप में बांधे रखा।
03.50 PM  : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएण मनीष सिसौदिया, छत्तीसगढ़ सीएण रमन सिंह, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अशोक गहलोत और राज बब्बर स्मृति स्थल पहुंचे।
03.45 PM  : अंतिम संस्कार देखने के लिए आम लोगों को भी एंट्री दी गई है।
03.40 PM  : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह स्मृति स्थल पहुंचे।
03.35 PM  : राजघाट के करीब राष्ट्रीय समाधि स्थल पर अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।


03.28 PM  : प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और भाजपा के दिग्गज नेता पार्थिव शरीर वाले ट्रक के ठीक पीछे चल रहे हैं।
03.20 PM  : दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग ने अटलजी के सम्मान में अपना झंडा यूनियन जैक आधा झुका दिया।
03.10 PM  : अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम लगा हुआ है। उनकी अंतिम यात्रा दरियागंज से गुजर रही है।
03.00 PM  : अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे, वे अटलजी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
02.35 PM  : अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ साथ चल रही है, लोग अटल अमर रहें के नारे लगा रहे हैं।
02.00 PM  : अटल जी की अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से निकली राजघाट के पास अंतिम संस्कार स्थल के लिए निकली। 
01.00 PM  : श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिल्ला दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, वे अटलजी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
11.30 AM  : भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे।
11.20 AM  : केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने अटलजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
11.14 AM  : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अटल जी को श्रदांजलि अर्पित की।
08.50 AM  : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अटलजी के दिल्ली स्थित निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
08.42 AM  : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वायपेयीजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।  
08.35 AM  : नौसेना अध्यक्ष एडमिरल सुनील लांबा ने अटल बिहारी वायपेयी को श्रद्धांजलि दी।
08.10 AM : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अटलजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
08.05 AM (शुक्रवार)  : जावेद अख्तर और शबाना आजमी अटल जी के घर पहुंचे।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।