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पिछड़ों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास अनूठा : आनंदीबेन

October 16th, 2019 23:01 IST
 पिछड़ों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास अनूठा : आनंदीबेन

लखनऊ, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बुधवार को यहां कहा कि ग्रामीण विकास के लिए विश्वविद्यालय द्वारा गांव गोद लेने की योजना एक सराहनीय कदम है, और परमार्थ के माध्यम से समाज के पिछड़े जनों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास अनूठा है।

राज्यपाल आनंदीबेन ने यहां डॉ़ ए़ पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षान्त समारोह में छात्र-छात्राओं को मेडल व उपाधि प्रदान करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। उन्होंने कहा, शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित बालक-बालिकाओं को विश्वविद्यालय के संस्थान आई़ ई़ टी. लखनऊ के छात्र-छात्राओं द्वारा वंचितों के लिए परमार्थ नाम से सायंकालीन कक्षाएं संचालित कर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले पिछड़े जनों को मुख्यधारा से जोड़ने का अनूठा प्रयास हो रहा है।

उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय ने प्रतिबद्घता से कार्य करते हुए यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री इंटरफेस सेल की स्थापना की है। इसके माध्यम से कैम्पस प्लेसमेंट के द्वारा पिछले 11 माह में 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान कराए गए हैं।

इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाल विवाह के खिलाफ कहा, मैंने अपने भाई के बेटे का बाल विवाह होने से रोका था। उनके खिलाफ पुलिस में गई थी। बाल विवाह रुक गया, मगर मेरे भाई ने पांच साल तक हमें अपने घर नहीं बुलाया।

उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि जो ज्ञान उन्होंने यहां से अर्जित किया है, उसे समाज की सेवा में तथा नए भारत के निर्माण में लगाएंगे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक ढंग से सोचने और ज्ञान के पीछे भागने की सीख देने वाले अब्दुल कलाम नाकामी को पहली सीढ़ी कहते थे।

प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलारानी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने का काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर 62 पीएचडी छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। कुल 66 मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए। बीटेक कंप्यूटर साइंस की दीक्षा सिंह को सर्वाधिक अंक हासिल करने पर कुलाधिपति स्वर्ण पदक मिला।

इस दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 58699 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधि प्रदान की। साथ ही प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय एवं परमार्थ के 30 बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया गया।

-- आईएएनएस

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