दैनिक भास्कर हिंदी: अयोध्या फैसले पर अब ये 5 मुस्लिम पक्षकार SC में दाखिल करेंगे पुनर्विचार याचिका

November 18th, 2019

हाईलाइट

  • 5 मुस्लिम पक्षकारों को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन नामंजूर
  • सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दाखिल कर अयोध्या फैसले को देंगे चुनौती
  • हम जानते हैं हमारी समीक्षा याचिका 100% खारिज कर दी जाएगी : मौलाना अरशद मदनी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दशकों के अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना चुका है। 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से 9 नवंबर को विवादित जमीन पर मालिकाना हक रामलला को दिया। वहीं मुस्लिम पक्ष को किसी दूसरे स्थान पर 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाएगी। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी सहित कई मुस्लिम पक्षकारों ने इस वैकल्पिक जमीन को खैरात बताते हुए लेने से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की भी घोषणा की। आइए हम आपको बताते हैं कि ये कौन से मुस्लिम पक्षकार हैं जो फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहते हैं।

AIMPLB :

AIMPLB ने रविवार को लखनऊ के मुमताज पीजी कॉलेज में बैठक की, जिसमें फैसला लिया गया कि AIMPLB अयोध्या फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि 'हम कोर्ट के फैसले को चुनौती देंगे और हमें किसी और जगह मस्जिद मंजूर नहीं है। 'उन्होंने कहा कि 'गुंबद के नीचे जन्मस्थान होने के कोई प्रमाण नहीं हैं। हमने विवादित भूमि के लिए लड़ाई लड़ी थी और हमें उसी जगह जमीन चाहिए।

 

 

जमीयत उलेमा-ए-हिंद

जमीयत उलेमा-ए-हिंद कमेटी को भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार नहीं है। AIMPLB के अलावा जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी मस्जिद बनाने के लिए मिली 5 एकड़ जमीन को नामंजूर किया और रिव्यू पीटिशन दाखिल करने का फैसला लिया। हालांकि कमेटी के मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि 'हम जानते हैं कि हमारी पुनर्विचार याचिका 100% खारिज कर दी जाएगी। बावजूद इसके हम याचिका दायर करेंगे, क्योंकि यह हमारा अधिकार है।'

 

 

 

बाकी के तीन कौन ?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले मुस्लिम पक्षकारों में बाकी के तीन लोगों में मौलाना महफूजुर्रहमान, मोहम्मद उमर और हाजी महबूब के नाम शामिल हैं। इस बात की जानकारी AIMPLB के सदस्य और मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने रविवार को अपनी बोर्ड की बैठक खत्म होने के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

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