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अयोध्या: प्रधानमंत्री के नींव रखते ही शुरू हुआ दुनिया के चौथे सबसे बड़े मंदिर का निर्माण, जानिए दुनिया के 10 सबसे बड़े मंदिर

अयोध्या: प्रधानमंत्री के नींव रखते ही शुरू हुआ दुनिया के चौथे सबसे बड़े मंदिर का निर्माण, जानिए दुनिया के 10 सबसे बड़े मंदिर

हाईलाइट

  • 402 एकड़ में बना कंबोडिया का अंगकोरवाट मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर
  • 163 एकड़ में बना नार्थ अमेरिका के न्यू जर्सी का स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर दूसरे नंबर पर
  • तमिलनाड़ु के तिरुचिरापल्ली शहर में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा मंदिर

डिजिटल डेस्क, अयोध्या। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण के लिए आज (बुधवार, 5 अगस्त) भूमिपूजन का आयोजन हुआ। यहां आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर की नींव रखी। इसके साथ ही मंदिर के भव्य निर्माण का कार्य शुरू हो गया। जानकारी अनुसार अयोध्या में बनने वाले रामंदिर का नक्शा करीब 37 साल पहले बनाया गया था। इसमें तीन शिखर थे, लेकिन अब इस नक्शे में परिवर्तन कर दिया गया है। नए नक्शे के अनुसार अब मंदिर में पांच शिखर होंगे। इसकी ऊंचाई 161 फीट, लंबाई 268 फीट और 140 फीट चौड़ाई होगी। पूरा मंदिर परिसर 67 एकड़ का होगा। बता दें कि इस लिहाज से यह मंदिर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा। अगले 3 साल में मंदिर के पूरा हो जाने की उम्मीद है।

यह खबर भी पढ़ें:- मोदी के हाथों से 'राम' काज पूरा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी श्रीराम मंदिर की आधार शिला, अभिजीत मुहूर्त में हुआ भूमि पूजन

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आपको जानकर आश्चर्य होगा कि विश्व का सबसे बड़ा और भव्य मंदिर भारत में नहीं, बल्कि विदेश में है। दुनिया के 10 सबसे बड़े मंदिरों में से 4 विदेशी भूमि पर हैं। दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर अंगकोरवाट है, जो कंबोडिया में है। कुछ धर्म गुरुओं ने राम मंदिर भी इसी की तर्ज पर बनाने की मांग की थी। इसके अलावा एक मंदिर अमेरिका और दो इंडोनेशिया में हैं। कंबोडिया में स्थापित अंगकोरवाट मंदिर का क्षेत्रफल 402 एकड़ है। भारत का सबसे बड़ा मंदिर तमिलनाडु का श्रीरंगनाथ स्वामी मंदिर है। जो करीब 156 एकड़ के क्षेत्र में है। अभी मंदिर का जो मॉडल है, वो 67 एकड़ के क्षेत्र का है। लेकिन, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस बात की योजना बना रहा है, कि मंदिर का क्षेत्र 108 एकड़ तक हो। अगर ऐसा होता है, तो क्षेत्रफल के लिहाज से ये मंदिर दुनिया में चौथा सबसे बड़ा मंदिर हो जाएगा।

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आइए क्षेत्रफल के आधार पर एक नजर डालते हैं विश्व के सबसे बड़े मंदिरों पर...

1. अंगकोरवाट मंदिर - अंकगोर, कंबोडिया 

History of Siem Reap Cambodia the confluence of modernity with mythology Jagran Special
क्षेत्रफल की दृष्टि से कंबोडिया के अंगकोर का ये मंदिर दुनिया में सबसे बड़ा है। ये करीब 401 एकड़ में फैला हुआ है। अंगकोरवाट मंदिर के शिखर की ऊंचाई 213 फीट है। यानी कि भारत में बनने वाले राम मंदिर से 52 फीट ज्यादा है। अंकोरवाट दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है। इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने करवाया था। इसे मूल रूप से खमेर साम्राज्य में भगवान विष्णु का मंदिर के रूप में बनाया गया था। मीकांग नदी के किनारे सिमरिप शहर में बना यह मंदिर आज भी संसार का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। 

2. स्वामीनारायण अक्षरधाम - न्यू जर्सी, नॉर्थ अमेरिका

 Akshardham Biggest Hindu Temple in New Jersey USA Opening on August 10th - YouTube
नॉर्थ अमेरिका के न्यू जर्सी में श्री स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर स्वामीनारायण संस्था द्वारा बनाया गया है। ये मंदिर 2014 मे दर्शनार्थियों के लिए खोला गया है। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्थान स्वामीनारायण शाखा का एक संप्रदाय है। यह करीब 163 एकड़ में फैला हुआ है। 

3. श्री रंगनाथस्वामी मंदिर - तिरुचिरापल्ली, भारत

Bjp and Hindu organisations filed complaint against temple authorities or entering other religion people in temple primisis - भाजपा और हिंदूवादी ...
भारत के तमिलनाड़ु राज्य के तिरुचिरापल्ली शहर में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर स्थित है। क्षेत्रफल की दृष्टि से ये भारत का सबसे बड़ा मंदिर है। भगवान विष्णु का ये मंदिर एक शहर की तरह है। 8-9वीं शताब्दी के आसपास इस मंदिर का निर्माण माना जाता है। यह मंदिर 155.9 एकड़ फैला हुआ है। यह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शुमार है। यह मंदिर अपने आप में एक शहर है। मंदिर 7 दीवारों से घिरा है, जिसकी कुल लंबाई 6 किलोमी​टर से भी ज्यादा है। इस मंदिर में 49 तीर्थ स्थल हैं, जो भगवान विष्णु को समर्पित हैं। 

4. श्रीराम मंदिर - अयोध्या, भारत

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5 अगस्त को उत्तरप्रदेश की अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन होने जा रहा है। ये मंदिर करीब 108 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित है। क्षेत्रफल की दृष्टि से ये दुनिया का चौथा सबसे बड़ा मंदिर होगा।  

5. छतरपुर मंदिर - नई दिल्ली, भारत

छतरपुर मंदिर - विकिपीडिया

भारत की राजधानी नई दिल्ली में 1974 में संत नागपाल ने छतरपुर मंदिर बनवाया था। ये मंदिर पूरी तरह से संगमरमर से बना हुआ है। यहां देवी दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। यह लगभग 69 एकड़ में फैला हुआ है। 

6. अक्षरधाम मंदिर - नई दिल्ली, भारत

स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर से जुड़े अनोखे Facts - unique facts related to swaminarayan akshardham temple-mobile

देश की राजधानी दिल्ली में बना अक्षरधाम मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय के सबसे बड़े प्रतीकों में शुमार है। यह लगभग 2,40,000 वर्गमीटर (लगभग 59.3 एकड़) एरिया में बना हुआ। 2005 में मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए खोला गया था। मंदिर निर्माण 3,000 स्वयंसेवकों और करीब 7,000 कारीगरों ने मिलकर बनाया था।

7. बेसाकी मंदिर - बाली, इंडो​नेशिया

पुरा बेसकीह, गुनुंग अगुंग, बाली, इंडोनेशिया पर मंदिर | 2020

इंडोनेशिया के बाली में बेसाकी मंदिर स्थित है। यहां बालिनी मंदिरों की एक श्रृंखला है। ये मंदिर छह स्तरों में बनाया गया है। ढलान को सीढ़ीदार बनाया गया है। मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि यहां 13वीं शताब्दी से यहां पूजा हो रही है। यह करीब 49 एकड़ में फैला है। 

8. बेलूर मठ, रामकृष्ण मंदिर - हावड़ा, भारत 

बेलुड़ मठ - विकिपीडिया

भारत में पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बेलूर मठ रामकृष्ण मंदिर स्थित है। यह दुनिया के विशालतम मंदिरों में गिना जाता है। ये रामकृष्ण परमहंस मिशन का मुख्यालय है। इसकी स्थापना स्वामी विवेकानंद ने की थी। स्वामी विवेकानंद के बुनियादी सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का काम आज भी कर रहा है। यहा मां आद्याकाली की पूजा होती है। यह हुगली नदी के पश्चिमी तट पर बना हुआ है। इसकी स्थापना 1935 में हुई थी। यह करीब 40 एकड़ में फैला है। 

9. थिल्लई नटराज मंदिर - चिदंबरम, भारत

एकलौता ऐसा मंदिर जहां होती है भगवान शिव के नटराज रूप की पूजा - nataraja temple chidambaram

भारत में तमिलनाडु राज्य के चिदंबरम नगर में थिल्लई नटराज मंदिर स्थित है। ये शिवजी का मंदिर है। यहां शिवजी के नटराज स्वरूप में दर्शन होते हैं। यहां गणेशजी, मुरुगन और विष्णु आदि देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं। इस मंदिर का निर्माण 10वीं के आसपास माना जाता है। यह लगभग 1,60,000 (लगभग 39 एकड़) वर्गमीटर के क्षेत्र में बना हुआ है।

10. प्रम्बानन, त्रिमूर्ति मंदिर - याग्याकार्टा, इंडो​नेशिया 

इंडोनेशिया के जावा द्वीप में स्थित प्रम्बानन मंदिर के बारे में महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

इंडोनेशिया के मध्य जावा के याग्याकार्टा क्षेत्र में प्रम्बानन त्रिमूर्ति मंदिर स्थित है। ये शिवजी का मंदिर है। इसका निर्माण 9वीं शताब्दी का माना जाता है। यहां की ऊंची और नुकीली वास्तुकला इसे खास बनाती है। यह करीब 38 एकड़ में फैला हुआ है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।