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उपचुनाव में नीतीश को जनता की बददुआ ने हराया : पप्पू यादव

October 24th, 2019 19:30 IST
 उपचुनाव में नीतीश को जनता की बददुआ ने हराया : पप्पू यादव

हाईलाइट

  • उपचुनाव में नीतीश को जनता की बददुआ ने हराया : पप्पू यादव

पटना, 24 अक्टबूर (आईएएनएस)। जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को कहा कि बिहार विधानसभा उपचुनाव में राजग की करारी हार जनता की बददुआ के कारण हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनता की बददुआ ने हराया है।

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता ने चुनावों के नतीजों से बता दिया कि हर मर्ज की एक दवा नहीं होती। पप्पू यादव ने कहा, लव जिहाद, 370, फर्जी राष्ट्रवाद और धार्मिक उन्माद देश की आम जनता का मुद्दा नहीं है।

उन्होंने कहा, बिहार में नीतीश कुमार को जनता की बददुआओं ने हराया है, जबकि विपक्ष ने कांग्रेस को उपचुनाव में दगा दे दिया। विपक्ष के लोगों ने कांग्रेस के लिए प्रचार तक करना जरूरी नहीं समझा, सिर्फ खानापूर्ति की गई।

पूर्व सांसद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में राजधानी पटना में इसी महीने कई दिनों तक जलजमाव के लिए बिहार सरकार और पटना नगर निगम को दोषी बताया। उन्होंने कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार सरकार और पटना नगर निगम ने करोड़ों रुपये के घोटाले किए हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।

पप्पू यादव ने पत्रकारों को कैग रिपोर्ट की कॉपी देते हुए आरोप लगाया कि साल 2006 से अब तक जनता के छह हजार करोड़ रुपये और पिछले 13 वर्षो में कुल 23 हजार करोड़ रुपये के घोटाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को एक मिनट भी सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।

जाप अध्यक्ष ने इस घोटाले की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि आज यहां करोड़ों रुपये सरकार, ठेकेदार, माफिया और अधिकारी द्वारा लूट लिए गए हैं, यह कैग की रिपोर्ट कहती है। सारा खर्च सिर्फ कागजों पर हुए।

पूर्व सांसद ने पटना में जलजमाव पर सरकार द्वारा 13 दिनों में चार करोड़ और बुडको द्वारा 2 दिनों में 24 लाख रुपये का तेल खर्च किए जाने के दावे पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अगर इतने पैसे खर्च किए गए, तब जनता आज भी हलकान क्यों है?

पप्पू यादव ने साफ कहा कि सियासत ने बिहार के लोगों को बेचारा बना डाला है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।