दैनिक भास्कर हिंदी: बिहार : क्वारंटीन सेंटर में युवक की खुराक 40 रोटियां, 10 प्लेट चावल

May 27th, 2020

हाईलाइट

  • बिहार : क्वारंटीन सेंटर में युवक की खुराक 40 रोटियां, 10 प्लेट चावल

बक्सर (बिहार), 27 मई (आईएएनएस)। बिहार के बक्सर जिले का एक क्वारंटीन सेंटर चर्चा का केंद्र बन गया है। इस क्वारंटीन सेंटर में रह रहे एक युवक की भूख ने सबको हैरत में डाल दिया है। इस युवक की खुराक है 40 रोटियां और 10 प्लेट भात (उबला चावल)। प्रखंड के अधिकारी भी इसकी खुराक को देखकर हैरान और परेशान हैं।

दस लोगों का खाना अकेले खाने वाले युवक के कारण मंझवारी के राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय में बना क्वारंटीन सेंटर अभी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह युवक नाश्ते में 40 रोटियां खाता है और दोपहर के भोजन में 10 प्लेट चावल।

खरहा टांड पंचायत के रहने वाले 23 वर्षीय युवक अनूप ओझा इस समय मंझवारी गांव बने क्वारंटीन सेंटर का मेहमान है। इस क्वारंटीन सेंटर में रह रहे लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां जब लिट्टी बनी थी, तब अनूप ने 83 लिट्टी खाकर सबको हैरत में डाल दिया था।

जब इस क्वारंटीन सेंटर में खाद्य सामग्री की खपत ज्यादा होने लगी, तब अधिकारियों ने इसका कारण पूछा। उन्हें जब खाधुर युवक अनूप के बारे में बताया गया तो उन्हें सहसा विश्वास नहीं हुआ। प्रखंड के अधिकारी एक दिन ठीक भोजन के समय क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। उन्होंने जब अपनी आखों से अनूप की खुराक देखी तब हैरान रह गए।

सिमरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अजय कुमार सिंह ने आईएएनएस को बताया कि अनूप नाश्ते में 40 रोटियां खा लेता है। रसोइया भी अनूप के लिए रोटी बनाने से मना कर दिया है। इतनी ज्यादा रोटी बनाने में उसे भी परेशानी हो रही है।

सेंटर के लोगों ने बताया कि रसोइए ने अनूप के लिए रोज 40 रोटियां बनाने से इनकार कर दिया है। अनूप के लिए अब दोनों समय चावल ही बनाया जा रहा है। बीडीओ ने प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि अनूप की खुराक में कमी नहीं की जाए।

बीडीओ ने बताया कि अनूप ओझा को करीब 10 दिन पहले इस क्वारंटीन सेंटर में लाया था। वह रोजी-रोटी की तलाश में राजस्थान गया था। लॉकडाउन-4 लगने पर उसका धर्य टूट गया और वह घर वापसी के लिए बिहार लौट आया। घर जाने से पहले उसे 14 दिन के लिए यहां के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। गुरुवार को उसका क्वारंटाइन टाइम पूरा हो जाएगा।

अनूप को गुरुवार को उसके घर भेज दिया जाएगा, तब इस क्वारंटीन सेंटर के प्रबंधक और रसोइया राहत की सांस लेंगे।

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