दैनिक भास्कर हिंदी: गुजरात हिंसा : योगी-नीतीश ने गुजरात सीएम से की बात, बयानबाजी भी तेज

October 9th, 2018

हाईलाइट

  • गुजरात में भड़की हिंसा के बाद उत्तर भारतीयों में दहशत का माहौल है।
  • राज्य में हालात इतने गंभीर हो गए है कि उत्तर भारतीय वहां से पलायन करते जा रहे हैं।
  • बिहार और उत्तर प्रदेश के सीएम नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ ने गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से बात की है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात में भड़की हिंसा के बाद उत्तर भारतीयों में दहशत का माहौल है। राज्य में हालात इतने गंभीर हो गए है कि उत्तर भारतीय वहां से पलायन करते जा रहे हैं। इस बीच बिहार और उत्तर प्रदेश के सीएम नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ ने गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से बात की है। उन्होंने विजय रूपाणी से उत्तर भारतीयों की सुरक्षा की अपील की है। गुजरात सरकार ने भी दोनों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। इधर, कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मामले को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है।

क्या कहा नीतीश कुमार ने?
बिहार के लोगों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर नीतीश कुमार ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार इस बारे में सचेत और सतर्क है। मैंने रविवार (7 अक्टूबर) को गुजरात के मुख्यमंत्री से बात की। हमारे मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी गुजरात में अपने समकक्षों के संपर्क में हैं। अगर किसी ने गुनाह किया है तो उसे जरूर कड़ी सजा मिलनी चाहिए लेकिन एक घटना के कारण लोगों को पूरे राज्य के खिलाफ एक जैसा रवैया और शिकायत नहीं रखनी चाहिए।' नीतीश कुमार ने कहा, 'दोषी को सजा जरूर मिलनी चाहिए लेकिन पूरे समुदाय को एक तराजू में नहीं तौला जाना चाहिए।'

क्या कहा योगी आदित्यनाथ ने?
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से फोन पर बात की और उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई। बातचीत के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग विकास नहीं चाहते वह समाज में अफवाह फैलाकर सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा गुजरात सरकार ने हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने गुजरात सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी सराहना की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें।

क्या कहा विजय रूपाणी ने?
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, 'राज्य की स्थिति नियंत्रण में है, लोगों को शांति और भाईचारे बनाए रखने के लिए हम अपील करते हैं। बलात्कार के मामले के अपराधी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था। हम अपराधी के लिए गंभीर सजा सुनिश्चित करेंगे।'

हिंसा पर छिड़ा सियासी संग्राम
गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों से सियासी संग्राम भी छिड़ गया है। बीजेपी और कांग्रेस इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा, 'यदि 1-2 लोगों ने अपराध किया है, तो सभी लोगों को टार्गेट नहीं किया जाना चाहिए। अगर वे निर्दोष हैं, तो उनकी सुरक्षा की जाना चाहिए। निर्दोष लोगों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं होना चाहिए। वे भी भारतीय हैं। अगर यहां ऐसा जारी रहता है तो दूसरे क्षेत्रों में भी ऐसा ही हो सकता है। मुंबई इसका उदाहरण है। राज्य सरकार को जांच कर इसका समाधान निकालना चाहिए।

कांग्रेस के एक अन्य नेता प्रमोद तिवारी ने गुजरात सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 'गुजरात से उत्तर प्रदेश वासियों को खदेड़ा जाए यहीं गुजरात मॉडल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव के समय ही उत्तर प्रदेश की याद आती है। उसके बाद वह गुजरात से उत्तर प्रदेश के लोगों को निकालने की बात करते हैं।' 

कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा, अगर पीएम के गृह राज्य में यूपी, एमपी और बिहार के लोगों को मार-मार के भगाया जाएगा तो उन्हें भी एक दिन वाराणसी जाना है, ये बात उन्हें याद रखनी होगी। संजय ने तंज कसते हुए कहा, गुजरात में एक बच्ची के साथ बिहार का रहने वाला कोई शख्स रेप करता है तो उसकी गिरफ्तारी के बाद माहौल हिंसक क्यों होता जा रहा है। क्यों बिहार, यूपी और एमपी के लोगों को परेशान किया जा रहा है। स्थिति ऐसी हो चुकी है कि लोग मॉब लिंचिंग के डर से भाग रहे हैं। क्या गुजरात में उन्हें सुरक्षा नहीं दी जा सकती है?

उधर, गुजरात के गृहमंत्री प्रदीप जडेजा ने कहा कि गुजरात के लोगों ने जिनको नकारा है, वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। वहीं राज्य की स्थिति की जानकारी देते हुए जडेजा ने कहा, 'मामले में 450 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए राज्य के डीजीपी खुद मोर्चा संभाले हुए है। वह एसपी, डीएम के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। साथ ही पुलिस भी लगाई गई है।

व्यापारियों का सीएम को खत
गुजरात के चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मजदूरों पर हमलों के कारण उत्पादन और व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने श्रमिकों की पर्याप्त सुरक्षा की भी मांग की है।

14 साल की बच्ची से रेप के बाद भड़की हिंसा
बता दें, पिछले दिनों गुजरात के साबरकांठा में 14 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया था। इस मामले में बिहार के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाई जा रही है जिस कारण गुजरात का माहौल हिंसक होता जा रहा हैं। गुजरात में रह रहे बिहार, यूपी और एमपी के लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है। मॉब लिंचिंग के डर से ये लोग वहां से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। खबरों के मुताबिक अब तक 1500 से ज्यादा लोग वहां से पलायन कर चुके हैं।