comScore

बिहार : कोरोना फैलाने के आरोप में चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ परिवाद पत्र दाखिल

June 11th, 2020 14:30 IST
 बिहार : कोरोना फैलाने के आरोप में चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ परिवाद पत्र दाखिल

हाईलाइट

  • बिहार : कोरोना फैलाने के आरोप में चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ परिवाद पत्र दाखिल

बेतिया, 11 जून (आईएएनएस)। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले की एक अदालत में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डायरेक्टर जनरल ड टेडरस एथानम गैब्रेसस के खिलाफ कोरोना फैलाने के आरोप में परिवाद पत्र दाखिल किया गया है। परिवाद पत्र पर सुनवाई 16 जून को मुकर्रर की गई है।

बेतिया व्यवहार न्यायाालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अधिवक्ता मुराद अली द्वारा दर्ज परिवाद पत्र में आरोप लगाया गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व डब्ल्यूएचओ के डीजी ने चीन के वुहान शहर से पूरे विश्व से लेकर बेतिया जिले में कोरोना फैलाया।

मामले में अदालत ने सुनवाई में लिए 16 जून की तारीख मुकर्रर की है।

दायर परिवाद में अधिवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गवाह बनाया गया र्है। अधिवक्ता ने चीन के राष्ट्रपति पर दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से पूरे विश्व में कोरोना फैलाने व डब्ल्यूएचओ के डीजी पर कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव की बात छिपाने का आरोप लगाया है।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि चीन के राष्ट्रपति व विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल ने साजिश रचकर पूरे विश्व में कोरोना वायरस को फैलाया है। जिसके कारण लाखों लोगों की जान जा चुकी हैं।

अधिवक्ता ने भदवि की धारा 269, 270 ,271, 302, 307, 500, 504 और 120 बी के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

अधिवक्ता मुराद अली ने आरोप लगाने का स्रोत सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और विभिन्न इलेक्ट्रनिक मीडिया से प्राप्त जानकारी को बताया है।

कमेंट करें
xMp3v
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।