comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बिहार : जाप का डिजिटल कैम्पेन शुरू, पप्पू ने कहा, सरकार दे कोरोना भत्ता

March 21st, 2020 21:00 IST
 बिहार : जाप का डिजिटल कैम्पेन शुरू, पप्पू ने कहा, सरकार दे कोरोना भत्ता

हाईलाइट

  • बिहार : जाप का डिजिटल कैम्पेन शुरू, पप्पू ने कहा, सरकार दे कोरोना भत्ता

पटना 21 मार्च (आईएएनएस)। जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष पप्पू यादव ने शनिवार को अपना डिजिटल कम्पेनिंग की शुरू कर दी, जिसका नाम बदलेंगे हम बिहार रखा गया है। इस दौरान टिक टॉक अकाउंट, व्हाट्स एप, यूट्यूब चैनल और इन्स्टाग्राम लांच किया गया। इस मौके पर पप्पू यादव ने सरकार से लोगों को एक सप्ताह का कोरोना भत्ता देने की मांग की।

डिजिटल कैम्पेन को लांच करते हुए पप्पू ने कहा कि देश-विदेश के लोग इस अकाउंट से जुड़ कर बिहार के बदलाव में अपना योगदान दे सकते हैं।

इस मौके पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पप्पू ने कहा, भारत सरकार ने कर्फ्यू को लेकर एक एडवायजरी जारी की है, जो आपत्तिजनक है। भारत में 66 प्रतिशत लोग डेली वेजेज (दैनिक मजदूर) हैं, जो रोज कमाते हैं और खाते हैं। लेकिन इस कर्फ्यू में गरीब लोगों को भोजन देने के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। सरकार को एक सप्ताह का कोरोना भत्ता देना चाहिए, जिससे लोग अपने घर में रहकर कोरोना से बच सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के लिए सेनेटाइजर, मास्क मुहैया कराए ।

पप्पू यादव ने कहा, प्रधानमंत्री देशहित में जो फैसला लेंगे मैं उनका साथ दूंगा। लेकिन मेरी मांग है कि सरकार लोगों के लिए जीवनरक्षक सामग्री नि:शुल्क मुहैया कराए। सरकार की ओर से पैकेज की घोषणा करना सबसे ज्यादा आवश्यक और सम्मानजनक है न कि ताली या थाली बजाना।

उन्होंने आगे कहा, सरकार कह रही है दिन में कई बार 20 सेकेंड तक हाथ धोएं। यदि किसी को बुखार-खांसी हो तो भीड़ से बचें और गर्म पानी पीएं। लेकिन फुटपाथ पर रहने वाले लोग पानी गर्म करने के लिए गैस कहां से लाएंगे और दिहाड़ी मजदूर अगर घर में रहेंगे तो खाएंगे क्या?

उन्होंने कहा कि राज्य की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था कोरोना से लड़ने में नाकाफी है। अस्पताल में बेड फुल हैं और मरीजों को घर भेज दिया जा रहा है। दवा और एंबुलेंस का इंतजाम ढंग से नहीं किया गया है और स्वास्थ्य महकमे से जुड़े लोगों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है।

कमेंट करें
xlD5c
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।