दैनिक भास्कर हिंदी: वर्चुअल रैलियों के लिए तेजतर्रार नेताओं की लिस्ट तैयार करने में जुटी बीजेपी

May 31st, 2020

हाईलाइट

  • वर्चुअल रैलियों के लिए तेजतर्रार नेताओं की लिस्ट तैयार करने में जुटी बीजेपी

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद भाजपा वर्चुअल रैलियों के लिए पार्टी के उन तेजतर्रार नेताओं की लिस्ट बनाने में जुटी है, जो अच्छी भाषण शैली और जनता में प्रभाव जमाने के लिए जाने जाते हैं। जून में होने वाली इन रैलियों को मोदी सरकार के मंत्रियों से लेकर राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता ही नहीं बल्कि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी संबोधित करेंगे।

ऑनलाइन संबोधन सुनने के लिए हर रैली से सात सौ से लेकर एक हजार लोगों को जोड़ने का निर्देश है। किस राज्य के मुख्यमंत्री की कहां वर्चुअल रैली कराई जाए, इस पर भाजपा मंथन कर रही है।

भाजपा मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियों को जन-जन तक ले जाने के लिए कई स्तरीय प्रोग्राम करने में जुटी है। 250 स्थानों पर प्रेस कांफ्रेंस तो दो हजार से ज्यादा वर्चुअल रैलियों और मीटिंग का कार्यक्रम तय है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी कह चुके हैं कि पार्टी दो हजार वर्चुअल मीटिंग के जरिए मोदी सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएगी। वर्चुअल मीटिंग और रैली के कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी प्रदेश अध्यक्ष हर दिन पार्टी कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग और ऑडियो ब्रिज तकनीक से संपर्क कर रहे हैं।

भाजपा के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने आईएएनएस को बताया, जिस तरह से चुनाव के दौरान राज्यों के हिसाब से स्टार प्रचारकों की लिस्ट बनती है, उसी तरह से वर्चुवल रैलियों के लिए भी पार्टी के नेताओं की लिस्ट तैयार हो रही है। राज्य में नेताओं के प्रभाव के हिसाब से उनकी रैलियां लगाई जाएंगी।

पार्टी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व की ओर से कम से कम एक हजार वर्चुअल कांफ्रेंस होगी, जिसमें 40 मिनट का संबोधन होगा। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जन के साथ वर्चुअल मीटिंग्स भी होगी। कुल मिलाकर ऐसे दो हजार आयोजन करने की तैयारी है।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने राज्यों को भेजे पत्र में कहा है, वर्चुअल रैली का आयोजन व्यवस्थित तैयारियों के साथ देश भर में किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इन रैलियों में 750 से अधिक संख्या होनी चाहिए। प्रत्येक मोर्चा देश भर में पांच सौ समूहों तक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एक सप्ताह के अंदर संपर्क कर सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाए।