दैनिक भास्कर हिंदी: प्रकाश जावड़ेकर बोले- चुनावी हिंदू हैं कांग्रेस वाले, स्वामी ने कहा- थरूर नीच आदमी

October 16th, 2018

हाईलाइट

  • कांग्रेस नेता शशि थरूर के राम मंदिर निर्माण को लेकर दिए बयान पर बीजेपी आक्रामक
  • प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- कांग्रेस के नेता महज चुनाव के समय हिंदू होते हैं
  • सुब्रमण्यम स्वामी बोले- शशि थरूर एक नीच आदमी है
  • थरूर ने कहा था, 'कोई भी सच्चा हिंदू ये नहीं चाहेगा कि एक अन्य धर्म के प्रार्थना स्थल को तोड़कर राम मंदिर बने'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर के राम मंदिर निर्माण को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने जहां उनके बयान से दूरी बना ली है वहीं बीजेपी नेताओं ने उन पर जमकर निशाना साधा है। मामला बढ़ते देख शशि थरूर ने भी अपने बयान को लेकर ट्वीटर पर स्पष्टीकरण दिया है।

बता दें कि थरूर ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कोई भी अच्छा हिंदू ये नहीं चाहेगा कि किसी अन्य धर्म के एक पवित्र स्थल को तोड़कर राम मंदिर बने। चेन्नई में चल रहे द हिंदू लिटरेचर फेस्टिवल में उन्होंने ये बयान दिया था।

चुनावी हिंदू हैं कांग्रेस वाले : जावड़ेकर
केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'शशि थरूर यह मानते हैं कि एक सच्चा हिंदू अयोध्या में कभी राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहेगा। यह थरूर और राहुल गांधी जैसों के विचार हो सकते हैं, लेकिन देश के आम लोगों के नहीं।' जावड़ेकर ने यह भी कहा, कांग्रेस नेता का यह बयान बताता है कि ये लोग वास्तविकता से कितनी दूर हैं। ये लोग चुनावी हिंदू हैं, जो विधानसभा या लोकसभा चुनाव के दौरान हिंदू बन जाते हैं और मंदिर-मंदिर भटकते हैं।

नीच आदमी है थरूर : स्वामी
सुब्रमण्यम स्वामी ने तो थरूर के इस बयान पर उन्हें नीच आदमी तक करार दिया है। स्वामी ने सुनंदा पुष्कर हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा, 'शशि थरूर के खिलाफ एक मामले में चार्जशीट दायर हो चुकी है, ऐसे आदमी के बयान पर हम क्या कह सकते हैं। वो नीच आदमी है।'

कांग्रेस ने बनाई दूरी
कांग्रेस ने अपने सांसद शशि थरूर के  राम मंदिर  से जुड़े एक बयान से दूरी बना ली है। कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा है कि थरूर का जो भी बयान है वो उनता निजी मत है। राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट मे विचाराधीन है। और कोर्ट जो भी फैसला देगा कांग्रेस उसका स्वागत करेगी।'

थरूर ने ट्वीटर पर दी सफाई
बयान को लेकर हंगामा बढ़ते देख थरूर ने ट्वीटर पर एक के बाद एक दो ट्वीट कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा, 'मेरे शब्दों का गलत मतलब निकाला गया। मैंने कहा था कि देश में ज्यादातर हिंदू अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण चाहते हैं क्योंकि वे उसे राम जन्मभूमि मानते हैं। लेकिन कोई भी अच्छा हिंदू यह नहीं चाहेगा कि किसी अन्य धर्म के पूजा स्थल को तोड़कर वहां मंदिर का निर्माण किया जाए।'
थरूर ने यह भी कहा कि ये मेरे अपने विचार है, जो कि मुझसे साहित्यिक समारोह में पूछे गए थे। मैं अपनी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं। इसलिए यह बयान पार्टी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
 

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