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भाजपा का पलटवार: संबित पात्रा बोले हजार जन्म लेकर भी सावरकर नहीं हो सकते राहुल

भाजपा का पलटवार: संबित पात्रा बोले हजार जन्म लेकर भी सावरकर नहीं हो सकते राहुल

हाईलाइट

  • जीवीएल ने कहा कि राहुल जिन्ना नाम होना चाहिए
  • गिरिराज सिंह का ट्वीट, उधार का सरनेम लेने से कोई गांधी नहीं हो जाता
  • राहुल का बयान सच बोलने के लिए माफी नहीं मांगूंगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्लीं। राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के ​बीच बयानों की जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान पर कांग्रेस की भारत बचाओ रैली में राहुल ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। इस दौरान उन्होंने 'रेप इन इंडिया' वाले बयान पर भाजपा द्वारा माफी की मांग करने के जवाब में कहा कि मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है। मैं कभी माफी नहीं मागूंगा। इस पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर राहुल के सरनेम को ही उधार का बता दिया। उधर, बीजेपी प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने राहुल को जिन्ना सरनेम लगाने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि आपका उपयुक्त नाम राहुल जिन्ना है। इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता संबिता पात्रा ने भी राहुल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल हजार जन्म में भी राहुल सावरकर नहीं बन सकते।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी अगर हजार जन्म भी ले लें तो भी राहुल 'सावरकर' नहीं बन सकते। हां, अगर नाम बदलना ही है तो आज से हम उन्हें राहुल 'थोड़ा-शर्मकर' के नाम से बुलाएंगे, जो व्यक्ति 'मेक इन इंडिया' को 'रेप इन इंडिया' कहता हो उसके लिए यही नाम उचित है।

 
भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि राहुल का नाम जिन्ना होना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया कि 'आपके लिए राहुल गांधी अधिक उपयुक्त नाम 'राहुल जिन्ना' है। आपकी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति और मानसिकता आपको सावरकर की नहीं बल्कि मोहम्मद अली जिन्ना की योग्य वसीयतदार बनाती है।' इस ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस को भी टैग किया है।

गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए ट्वीट कर लिखा कि, 'वीर सावरकर तो सच्चे देशभक्त थे... उधार का सरनेम लेने से कोई गांधी नहीं हो जाता, कोई देशभक्त नहीं बनता... देशभक्त होने के लिए रगों में शुद्ध हिंदुस्तानी रक्त चाहिए। वेश बदलकर बहुतों ने हिंदुस्तान को लूटा है अब यह नहीं होगा। यह तीनों कौन है? क्या यह तीनों देश के आम नागरिक हैं?'

राहुल गांधी ने आज रामलीला मैदान में माफी मांगने से इनकार करते हुए जोरदार अंदाज में विरोध दर्ज किया। उन्होंने कहा कि, 'ये लोग कहते हैं कि माफी मांगो। मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है राहुल गांधी है। मैं सच बात बोलने के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा। मर जाऊंगा, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा।' राहुल के इस बयान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जमकर उत्साह दिखाया। राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता दिवंगत विनायक दामोदर सावरकर द्वारा 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को लिखे गए माफी पत्र की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान के सेलुलर जेल में बंद रहने के दौरान लिखा था।

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