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Budget 2020: नागरिकता संशोधन कानून बनाकर महात्मा गांधी का सपना पूरा हुआ- रामनाथ कोविंद

Budget 2020: नागरिकता संशोधन कानून बनाकर महात्मा गांधी का सपना पूरा हुआ- रामनाथ कोविंद

हाईलाइट

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया संसद को संबोधित
  • एक फरवरी को वित्तमंत्री पेश करेंगी आम बजट
  • बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चलेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज(शुक्रवार) से शुरु हो रहा है। पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि पिछले सात महीनों में संसद ने काम करने के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह दशक भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दशक में हमारी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर देश की जनता द्वारा प्रकट किया जाने वाला विश्वास, हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संबोधन की बड़ी बातें:

- 2014 में भारत में मोबाइल बनाने वाली सिर्फ 2 कंपनियां थीं। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश है।

- शहरों में बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लक्ष्य की तरफ तेज़ी से काम चल रहा है। मेट्रो सुविधा का विस्तार देश के 18 शहरों में हो चुका है। अभी तक 670 किलोमीटर मेट्रो लाइन चालू हो चुकी हैं और 930 किलोमीटर मेट्रो लाइनों पर काम चल रहा है। 

- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक 75 लाख गरीब अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं।

- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत औसतन प्रतिवर्ष साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा किसान बहुत कम प्रीमियम पर अपनी फसलों का बीमा करा रहे हैं। इस योजना के तहत बीते तीन वर्षों में किसानों को लगभग 57 हजार करोड़ रुपए की क्लेम राशि का भुगतान किया गया है। 

- देश के 50 करोड़ से अधिक पशुधन को स्वस्थ रखने का एक बहुत बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। 

- शरणार्थियों को नागरिकता देने से किसी क्षेत्र और विशेषकर नॉर्थ ईस्ट पर कोई सांस्कृतिक प्रभाव न पड़े, इसके लिए भी सरकार ने कई प्रावधान किए हैं। 

- भारत में आस्था रखने वाले और भारत की नागरिकता लेने के इच्छुक दुनिया के सभी पंथों के व्यक्तियों के लिए जो प्रक्रियाएं पहले थीं, वे आज भी वैसी ही हैं।

- मैं पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की निंदा करते हुए, विश्व समुदाय से इसका संज्ञान लेने और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का भी आग्रह करता हूं। 

- संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बनाकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा को पूरा किया गया है।

- पूज्य बापू के इस विचार का समर्थन करते हुए, समय-समय पर अनेक राष्ट्रीय नेताओं और राजनीतिक दलों ने भी इसे आगे बढ़ाया। हमारे राष्ट्र निर्माताओं की उस इच्छा का सम्मान करना, हमारा दायित्व है। 

- विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि- “पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वे भारत आ सकते हैं। उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है।

- सरकार के प्रयासों की वजह से वर्ष 2022 तक सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड की राजधानियां रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगी। 

- पांच दशकों से चली आ रही बोडो समस्या को समाप्त करने के लिए केंद्र और असम सरकार ने हाल ही में बोडो संगठनों के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है। इस समझौते से, ऐसी जटिल समस्या, जिसमें 4 हजार से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई, उसका समाधान निकला है।

- बोडो समुदाय के विकास के लिए सरकार द्वारा 1,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

- भारत पहला ऐसा देश है जिसमें हज की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ऑनलाइन की जा चुकी है।

- पिछले 2 अक्टूबर को गांधी जी की 150वीं जयंती पर, देश के ग्रामीण इलाकों ने, खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करके, राष्ट्रपिता के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त की है। 

- सरकार द्वारा पिछले पाँच वर्षों में जमीनी स्तर पर किए गए सुधारों का ही परिणाम है कि अनेक क्षेत्रों में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार आया है।

- मेरी सरकार, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर चलते हुए, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रही है।

- संसद के दोनों सदनों द्वारा दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को हटाया जाना, न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का भी मार्ग प्रशस्त हुआ है।

- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का तेज विकास, वहां की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा, पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन और लोकतंत्र का सशक्तीकरण, मेरी सरकार की प्राथमिकताओं में हैं।

- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां मार्च 2018 तक जम्मू-कश्मीर में लगभग 3,500 घर बनाए गए थे, वहीं दो साल से भी कम समय में 24,000 से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा किया गया है।  

- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कनेक्टिविटी, सिंचाई, अस्पताल, पर्यटन से जुड़ी योजनाओं एवं IIT, IIM, AIIMS जैसे उच्च शिक्षा के संस्थानों की स्थापना का काम भी तेजी से चल रहा है। 

- देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले 40 लाख से ज्यादा लोग, बरसों से इस अपेक्षा में जी रहे थे कि एक दिन उन्हें अपने घर का मालिकाना हक और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार मिलेगा। दिल्ली की 1,700 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की इस अपेक्षा को भी सरकार ने पूरा किया है।

सत्र आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित होगा :

-बजट सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि दूसरे कार्यकाल का ये पहला सत्र है। इस सत्र में दशक के उज्जवल भविष्य के लिए जरूरी है। कल वित्तवर्ष का बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह सत्र मुख्य रूप से आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित होगा। मैं चाहता हूं कि दोनों सदनों में मुद्दों पर अच्छी बहस हो।

संसद के बाहर विपक्ष ने किया प्रदर्शन:

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।