दैनिक भास्कर हिंदी: कैग रिपोर्ट में खुलासा: 19 मंत्रालयों ने मोदी सरकार को लगाया 1179 करोड़ का चूना

July 18th, 2018

हाईलाइट

  • कैग रिपोर्ट में खुलासा मोदी सरकार को 19 मंत्रालयों ने 1179 करोड़ रुपए का चूना लगाया।
  • विदेश मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं पिरवार कल्याण समेत कई मंत्रालयों में मिली गड़बड़ियां
  • साल 2015-16 में इन मंत्रालयों का कुल खर्च 53,34.037 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर 2016 में 73,62,3944 हो गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नियम कायदे दरकिनार और अनावश्यक पैसे खर्च कर मोदी सरकार को 19 मंत्रालयों ने 1179 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। ये बात कैग की 2018 की रिपोर्ट नंबर 4 के दस्तावेजों की छानबीन के बाद सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक नियमों को दरकिनार करने के मामले में मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय टॉप पर है। इसके बाद क्रमश: विदेश मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संस्कृति, उपभोक्ता, मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मंत्रालय आदि में धनराशियों से जुड़ी गड़बड़ियां देखने को मिली हैं।

 

 

 

साल भर में 38 % से ज्यादा बढ़ा सकल खर्च
देश की सबसे बड़ी ऑडिट एजेंसी कंपट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) ने सोशल, जनरल और रेवेन्यू सेक्टर से जुड़े 46 मंत्रालय और विभागों की ऑडिट की। इनमें 19 मंत्रालयों में गड़बड़ियों के 78 मामले सामने आए हैं। साल 2015-16 में इन मंत्रालयों का कुल खर्च 53,34.037 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर 2016 में 73,62,3944 हो गया। मतलब साल भर में सकल खर्च 38 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया।

 

 

 

 

कैग ने पहले ही किया था सतर्क
कैग की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने अपने ही बनाए नियमों और प्रावधानों की अनदेखी की। मंत्रालयों और विभागों के स्टाफ को अनियमित भुगतान किया गया। बजट खर्च अनियंत्रित तौर पर किया गया। बजट प्रबंधन और परियोजनाओं में काफी लापरवाही बरती गई। पूर्व में हुई ऑडिट के दौरान भी कैग ने इन गड़बड़ियों की तरफ इशारा किया था, लेकिन मंत्रालयों ने कार्यप्रणाली नहीं सुधारी। 

 

 

 

तीन मंत्रालयों में 19.33 करोड़ का नुकसान
नियम कायदों की अनदेखी के कारण तीन मंत्रालयों में 19.33 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में 13.76 करोड़ तो संस्कृति मंत्रालय में 2.26 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

 

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चार मंत्रालयों में पकड़ाए 10 मामले
संस्कृति, विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और एमएचआरडी में गड़बड़ी के 10 मामले सामने आए हैं। इन गड़बड़ियों में 65.86 करोड़ रुपए की धनराशि शामिल है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल ऑफ इंडिया, कोलकाता की ऑडिट में नई तरह की गड़बड़ी सामने आई। इस विभाग में फिक्सड डिपोजिट की जगह धनराशि को बचत खाते में रखा गया। सरकार को इससे 2014-2017 के बीच ब्याज के 13.76 करोड़ रुपए का चूना लगा।

 

करोड़ों के सामान खरीदे, सालों तक नहीं किया उपयोग

कैग के ऑडिट में ऐसे कई मामले सामने आए, जिसमें करोड़ों रुपए के सामान खरीदने के बाद भी सालों तक उनका उपयोग ही नहीं किया गया। ऑडिट में कृषि मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गृह मंत्रालय, एमएचआरडी में कुल 18.87 करोड़ रुपए के अनावश्यक खर्च भी पकड़ाए। जांच में पता चला कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की यूनिट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशियन, हैदराबाद में कुल 1.52 करोड़ के उपकरण बेकार पड़े थे। पिछले 5 साल से 2.13 करोड़ के उपकरणों का कोई उपयोग ही नहीं हुआ।

 

1.11 करोड़ का सॉफ्टवेयर खरीदा
गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ने 1.11 करोड़ में अत्याधुनिक सिस्टम के लिए सर्वर और सॉफ्टवेयर खरीदा। इस सिस्टम का साढ़े तीन साल तक प्रयोग ही नहीं हुआ। आइआइटी मुंबई की ऑडिट में कैग ने 1 मार्च 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच सेवा कर के  2.56 करोड़ रुपए का अनियमित भुगतान करने का मामला पकड़ा।