सुप्रीम कोर्ट : कोवैक्सीन लगवा चुके लोगों  को कोविशील्ड लगाने का निर्देश जारी नहीं कर सकते 

October 29th, 2021

हाईलाइट

  • लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते-सुप्रीम कोर्ट
  • भारत बायोटेक ने डब्ल्यूएचओ के सामने आवेदन दे रखा है
  • कोवैक्सीन लेने वाले को विदेश जाने की इजाजत नहीं मिल पा रही

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर याचिकाकर्ता ने कहा है कि कोवैक्सीन को अभी तक डब्ल्यूएचओ ने एप्रूव नहीं किया है और जिन लोगों को विदेश जाना है उन्हें उसके अप्रूवल लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट के पास कोई डेटा नहीं है और वह सीधे तौर पर सरकार को नहीं कह सकती है कि लोगों को दोबारा से कोविशील्ड लगाई जाए। हम कोवैक्सीन ले चुके लोगों को दोबारा कोविशील्ड लगाने के लिए आदेश नहीं जारी कर सकते हैं और लोगों के जीवन से खेल नहीं सकते हैं।

भारत कर चुका है who को आवेदन

बता दें कि कोर्ट ने कहा कि हमने न्यूजपेपर में पढ़ा है कि भारत बायोटेक ने डब्ल्यूएचओ के सामने आवेदन दे रखा है। हमें डब्ल्यूएचओ के जवाब का इंतजार करना होगा। अदालत ने कहा कि वह दीपावली की छुट्टी के बाद इस अर्जी पर सुनवाई करेंगे। याचिकाकर्ता के वकील कार्तिक सेठ ने कहा कि रोजाना स्टूडेंट्स व अन्य लोगों को विदेश जाने की जरूरत है, लेकिन जिन्होंने कोवैक्सीन ले रखी है उन्हें विदेश जाने की इजाजत नहीं मिल पा रही है। जिन लोगों ने कोविन ऐप के जरिये कोवैक्सीन ली है, उन्हें कोविशील्ड के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में केंद्र को निर्देश दिया जाना चाहिए।

मेरे पास डेटा उपलब्ध नहीं
याचिकाकर्ता के अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे पास कोई ऐसा डेटा नहीं है और हम इस तरह आदेश पारित नहीं कर सकते कि कोई और वैक्सीन दी जाए। हम आपकी चिंता से वाकिफ हैं, लेकिन डब्ल्यूएचओ के जवाब का इंतजार किया जाए।