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अब VVIP के विदेशी दौरे पर भी साए की तरह साथ रहेगा एसपीजी, बदले नियम

अब VVIP के विदेशी दौरे पर भी साए की तरह साथ रहेगा एसपीजी, बदले नियम

हाईलाइट

  • केंद्र सरकार ने वीवीआईपी हस्तियों की सुरक्षा के नियमों में बदलाव
  • कांग्रेस ने लगाया निगरानी करने का आरोप
  • भाजपा ने कहा हम केवल सुरक्षा प्रदान करना चाहते हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्‍ली। वीवीआईपी हस्तियों के लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के तहत सुरक्षा प्रदान करने के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अब जिसे भी एसपीजी कवर मिला है, उसे हर वक्त एसपीजी टीम अपने साथ रखनी होगी, भले ही वह विदेश प्रवास पर ही क्यों न हो। इस बदलाव के कारण अब एसपीजी में रहने वाले हर वीवीआईपी को इस विशिष्ट सुरक्षा कवर के पूरे नियम का पालन करना होगा। 

वहीं सरकार ने आदेश जारी कर कहा कि अब विदेश यात्रा के दौरान भी वीवीआईपी लोगों के साथ एसपीजी सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे। वीवीआईपी को सरकारी दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन करना होगा। यदि एसपीजी सुरक्षा पाने वाला वीवीआईपी विदेश यात्रा के दौरान एसपीजी जवानों को साथ लेकर नहीं जाता है तो उसकी यात्रा रद्द की जा सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि अभी हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कोलंबिया यात्रा की खबर आई है और वे बिना किसी सुरक्षा के वहां है। ऐसे में उक्‍त आदेश बेहद अहम हो जाता है।

वैसे सुरक्षा विशेषज्ञों की मानें तो यदि किसी वीवीआईपी को एसपीजी सुरक्षा मिली है तो नियमानुसार उसे सुरक्षा में लगे जवानों को अपने साथ रखना होता है, लेकिन अपने विदेश दौरों पर अधिकांश वीवीआईपी एसपीजी जवानों को साथ नहीं ले जाते हैं। 

कांग्रेस ने ​लगाया निगरानी का आरोप
उक्‍त निर्देशों के मद्देनजर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है। कांग्रेस ने कहा है कि सरकार ने गांधी परिवार की निगरानी की मंशा से उक्‍त आदेश जारी किए हैं। एक चैनल पर कांग्रेस प्रवक्‍ता बृजेश कलप्पा ने बयान में कहा कि यह सीधा-सीधा निगरानी में रखे जाने का मामला है। 

सुरक्षा मुहैया कराना हमारा मकसद
हालांकि, भाजपा ने कांग्रेस के निगरानी करने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले में भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने कहा कि इस आदेश का मकसद वीवीआईपी की सुरक्षा मुहैया कराना है। इसमें निजता के उल्‍लंघन का कोई भी मसला नहीं है। उन्होंने कहा कि अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है, इसलिए उसे वीवीआईपी को हर जगह, हर हाल में सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। 

नियम मानने को तैयार गांधी परिवार
ज्ञात हो कि गांधी परिवार का कोई सदस्य जब विदेश जाता है तो उसकी सुरक्षा में लगी एसपीजी टीम हवाई अड्डे से वापस आ जाती है। केंद्र सरकार ने इसे सुरक्षा को लेकर लापरवाही मानते हुए नियम का कड़ाई से पालन करवाने की मंशा जताई है। कहा जा रहा है कि गांधी परिवार ने केंद्र सरकार की इच्छा के अनुरूप एसपीजी कवर रूल को पूरा मानने पर सहमति दे दी है। जानकारी के अनुसार राहुल गांधी अब भी विदेश में हैं, जहां उनके साथ एसपीजी टीम नहीं गई है।

क्या है स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप 
एसपीजी की वेबसाइट के अनुसार इस बल के अधिकारी काफी उच्च प्रशिक्षित और प्रफेशनल होते हैं। ये जवान पूरी ताकत से अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा करते हैं। ये जवान वीवीआईपी की सुरक्षा में साए की तरह हमेशा तैनात रहते हैं। एसपीजी न केवल अपनी कार्यप्रणाली में कई नए प्रयोग किए हैं, बल्कि आईबी, राज्य और केंद्रशासित बलों के साथ समग्र सुरक्षा व्यवस्था को अपनाया है। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के यात्रा करने से पहले छोटी.छोटी टीम बनाता है, जो हर स्तर पर सुरक्षा के मापदंडों को परखता है। एक टीम यात्रा के स्थान पर 24 घंटे पहले जाती हैं और पूरा मौका मुआयना करने के बाद ही वीआईपी को यात्रा के लिए कहा जाता है। किसी घटना की शंका होने पर कार्यक्रम रद्द भी किया जाता है या कार्यक्रम के स्थान और समय में परिवर्तन किया जाता है। 

एडवांस्ड वेपन से लैस होते हैं एसपीजी कमांडो
एसपीजी की टीम में स्नापर्स, बम निरोधक विशेषज्ञ भी होते हैं। एसपीजी ऐक्ट के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एसपीजी को वो तमाम सहयोग देना होता है, जिसकी वो मांग करते हैं। एसपीजी कमांडो के पास अत्याधुनिक रायफल्स, अंधेरे में देख पाने वाले चश्मे, संचार के कई अत्याधुनिक उपकरण, बुलेटप्रूफ जैकेट, ग्लब्स, कोहनी और घुटनों पर लगाने वाले गार्ड भी होते हैं। एसपीजी के पास अत्याधुनिक और बुलेट प्रूफ वाहनों का दस्ता होता है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।