दैनिक भास्कर हिंदी: केरल की बाढ़ को केन्द्र ने घोषित किया ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’, वित्त मंत्री ने की ये बड़ी घोषणा

August 21st, 2018

हाईलाइट

  • केरल में आई भीषण बाढ़ को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’ घोषित कर दिया है।
  • पिछले एक सप्ताह में बाढ़, बारिश और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
  • केरल में बारिश और बाढ़ से अबतक 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल में आई भीषण बाढ़ को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’ घोषित कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में बाढ़, बारिश और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। केरल में बारिश और बाढ़ से अब तक 375 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं हजारों बेघर लोग राहत शिवरों में रहने को मजबूर हैं। बता दें कि जब भी किसी आपदा को गंभीर प्रकृति की आपदा घोषित किया जाता है तो राज्य सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर मदद दी जाती है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है, '8-20 अगस्त के बीच भारी बारिश, बाड़ और लैंडस्लाइड में 223 लोगों की जान चली गई। केंद्र ने कहा है कि वह सभी आवश्यक सामान उपलब्ध कराएंगे, लेकिन आज की स्थिति में सबसे ज्यादा आवश्यक अब तक के कुल नुकसान के बराबर जरूरी मदद है।' उधर, वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आवश्यकता के इस समय में भारत केरल के साथ खड़ा है। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों के लिए विदेश से आने वाली सहायता और राहत सामग्री पर कस्टम ड्यूटी और IGST नहीं लेगी। 

 

 

 

 

गौरतलब है कि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां केरल बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रहे थे। हालांकि केंद्र ने केरल हाई कोर्ट को बताया कि इस तरह के आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रोविजन या मैन्युअल नहीं है। एक शपथपत्र में केंद्र ने कहा कि वह केरल बाढ़ को गंभीर प्रकृति की आपदा मान रहा है और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन गाइडलाइंस के तहत इसे लेवल 3 की आपदा मान रहा है। 

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