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महाराष्ट्र में नहीं बनी बात, मीटिंग के बाद चव्हाण- बोले जल्द बनाएंगे स्थिर सरकार


हाईलाइट

  • चव्हाण बोले एनसीपी-कांग्रेस में अभी और कुछ बात होना बाकी
  • महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन खत्म करने पर चर्चा हुई

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर बुधवार को दिल्ली में शरद पवार के घर एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में भी सरकार बनाने का रास्ता नहीं निकल पाया है। बैठक के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और कहा कि दोनों पार्टी के नेताओं के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। इस दौरान महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन खत्म करने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अभी नई सरकार के गठन को लेकर कुछ और बातें होनी बाकी हैं।


चव्हाण ने कहा कि इस चर्चाएं जारी रहेंगी, मुझे यकीन है कि हम बहुत जल्द महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार देने में सक्षम होंगे। बैठक में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल, जयराम रमेश, पृथ्वीराज चव्हाण और नसीम खान ने हिस्सा लिया।वहीं, एनसीपी की ओर से अजित पवार और सुनील तटकरे समेत अन्य बैठक में मौजूद थे।

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के नेता गुरुवार सुबह 10 बजे अपने-अपने नेताओं के साथ बैठक करेंगे। पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि इस बैठक के बाद फिर हम दोपहर में मिलेंगे और सारी शर्तों को पूरा करके, शुक्रवार को हम महाराष्ट्र के तमाम नेताओं से मुंबई में मुलाकात करेंगे। हमारी शिवसेना और एनसीपी के साथ बातचीत सही दिशा में जा रही है। शुक्रवार को मुंबई में साझा ऐलान किया जाएगा।

जयराम रमेश तैयार कर रहे सरकार बनाने का ब्लूप्रिंट

बैठक में कांग्रेस नेता जयराम रमेश लैपटॉप पर टाइपिंग करते नजर आए। जानकारी मिली है कि उनको महाराष्ट्र में नई सरकार के लिए होने वाले समझौते के तहत ब्लूप्रिंट तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है। लिहाजा जयराम रमेश दोनों पार्टियों के बीच नई सरकार के गठन को लेकर जो समझौते हो रहे थे, उनको दर्ज कर रहे थे। हालांकि बैठक में भी सरकार बनाने का कोई आखिरी फॉर्मूला नहीं बन पाया।

हम जल्द वैकल्पिक सरकार प्रदान करेंगे

बैठक के बाद NCP नेता नवाब मलिक ने कहा कि कांग्रेस-एनसीपी ने मिलकर तय किया कि हमें महाराष्ट्र में एक वैकल्पिक सरकार देनी चाहिए। बिना एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना के साथ आना संभव नहीं है। हम सभी मुद्दों को हल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम जल्द से जल्द वैकल्पिक सरकार प्रदान करेंगे।

राज्य की भावना है कि उद्धव ठाकरे नेतृत्व करें

वहीं महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर शिवसेना सांसद राउत ने कहा कि शिवसेना का मुख्यमंत्री बनना चाहिए, यह महाराष्ट्र की जनता की इच्छा है। यह राज्य की भावना है कि उद्धव ठाकरे नेतृत्व करें। जब 3 दल सरकार बनाते हैं तो प्रक्रिया लंबी होती है। यह प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। 2-5 दिन में जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तो महाराष्ट्र में एक सरकार बनाई जाएगी।

सोनिया गांधी ने शिवसेना के साथ गठबंधन को हरी झंडी दी

वहीं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ बैठक के बाद शिवसेना के साथ महाराष्ट्र में गठबंधन को हरी झंडी दे दी है। एनसीपी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। वहीं कांग्रेस सूत्रों से जानकरी मिली है कि ​दिसंबर के पहले सप्ताह तक शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार बन जाएगी। महाराष्ट्र में अगली सरकार को लेकर जारी सस्पेंस के बीच लगातार बैठकें हो रही है। बुधवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। इस मुलाकात के ठीक बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता बाला साहेब थोराट, पृथ्वीराज चौहान और नसीम खान से मिले।

मोदी पवार की बैठक से बढ़ गई थी शिवसेना की टेंशन

इससे पहले सोनिया गांधी ने बुधवार को एनसीपी प्रमुख के साथ दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात से ही यह बात निकलकर सामने आई है।एनसीपी नेता शरद पवार ने आज (बुधवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हालांकि कहा जा रहा है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार की प्रधानमंत्री मोदी से यह मुलाकात महाराष्ट्र में किसानों की समस्या को लेकर हुई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर खूब चर्चा रही।इससे शिवसेना की टेंशन बढ़ गई थी। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। इस मुलाकात के बीच में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बुलाया गया था। शरद पवार ने पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी से किसानों के लिए मदद मांगी है और लिखा है, किसानों की मदद कीजिए मोदी जी, मैं आपका आभारी रहूंगा।

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