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मुंबई में दो बड़े हादसे: भानुशाली इमारत का हिस्सा गिरने से अब तक 9 लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

मुंबई में दो बड़े हादसे: भानुशाली इमारत का हिस्सा गिरने से अब तक 9 लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

हाईलाइट

  • मुंबई के मलाड इलाके में एक चॉल गिर गई, अब तक चार लोगों को बचाया
  • चार दमकल गाड़ियां, एक रेस्क्यु वैन और एक एम्बुलेंस मौके पर मौजूद
  • वहीं, शहर में किला स्थित भानुशाली इमारत का एक हिस्सा भी गिर गया

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई में भारी बारिश की वजह से दो अलग-अलग इलाकों में इमारत के हिस्से ढह गए। पहला हादसा मालवणी में हुआ जहां एक तीन मंजिला चॉल का हिस्‍सा ढह गया। हादसे के बाद बचाव दल अब तक 15 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल चुका है। इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई है। खोज और बचाव अभियान जारी है। चार दमकल गाड़ियां, एक रेस्क्यु वैन और एक एम्बुलेंस मौके पर मौजूद है। वहीं दूसरा हादसा दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में हुआ, जहां एक पांच मंजिला भानुशाली इमारत का हिस्सा ढह गया। मलबे से 13 लोगों को निकालकर अस्‍पताल भेजा गया। इनमें से 3 लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि 10 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। यहां दोनों घटनास्थलों पर बचाव कार्य जारी है। 

चॉल का हिस्सा ढहा, चार को बचाया, दो की तलाश जारी
जानकारी अनुसार आज दोपहर करीब 2.30 बजे मलाड के मालवणी इलाके में अब्दुल हमीद मार्ग स्थित गेट नंबर पांच पर स्थित इस चॉल का हिस्सा ढह गया। हादसे के बाद जानकारी मिलते ही मौके पर बचाव और राहत दल ने मलबे में दबे लोगों में से अब तक 15 घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन, फैजल सैयद(18) और अंजुम शेख (23) नाम के दो लोगों को दाखिल करने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में जख्मी हुए 13 लोगों को ज्यादा चोट नहीं आई थी और इलाज के बाद उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मलबे में दबे अन्य लोगों की खोज की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया- दो दिन से लगातार बारिश होने से हुआ हादसा 
हादसे को लेकर अधिकारियों ने बताया कि दमकल की चार गाड़ियों के साथ एक राहत वाहन और एक एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया है। बचाए गए लोगों को अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा राहत अभियान का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में कमजोर इमारतों के ढहने या गिरने का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने कहा है कि चॉल गिरने के पीछे बारिश वजह हो सकती है।

किला क्षेत्र में भानुशाली इमारत का एक हिस्सा गिरा
वहीं, मुंबई के किला क्षेत्र में ऐसी ही एक घटना सामने आई। यहां स्थित ऐसी ही एक अन्य घटना में मुंबई के किला क्षेत्र में स्थित 6 मंजिला भानुशाली इमारत का एक हिस्सा शाम करीब 4.43 बजे ढह गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मलबे से 13 लोगों को निकालकर अस्‍पताल भेजा जा चुका है। सीएम उद्धव ठाकरे मौके पर पहुंचे और राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। इससे पहले, गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाण भी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद दमकल विभाग के 50 से ज्यादा कर्मचारी मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। 8 दमकल गाड़ियों और एक बचाव वैन को घटनास्थल पर भेजा गया है और मलबे को हटाया जा रहा है। एक सीनियर सिविक ऑफिसर ने बताया कि एमएचएडीए ने बिल्डिंग को खाली करवाया था और वहां ​रिपेयर वर्क का काम किया जा रहा था। इसके बावजूद वहां कुछ लोग रह रहे थे। 

मकान मालिक को पहले ही दिया गया था नोटिस
हादसे के बाद बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल भी पहुंचे। फोर्ट रोड का यह इलाका बेहद भीड़भाड़ वाला है। ऐसे में दमकल की गाड़ियों को यहां पहुंचने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंची मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि इस दुर्घटना के लिए मकान मालिक जिम्मेदार है और उस पर केस दर्ज किया जाएगा। 

जितेंद्र आव्हाण ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिए 
जानकारी के अनुसार, इस इमारत को खतरनाक की श्रेणी में घोषित कर इसके मालिक को कुछ दिन पहले बीएमसी ने नोटिस दिया था। मौके पर पहुंचे गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाण ने इस पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है।

क्या कहा शिवसेना सांसद ने?
भानुशाली इमारत का हिस्‍सा ढहने की घटना को लेकर शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने बताया, 'मैंने सुना है कि इस इमारत में रिपेयरिंग का काम चल रहा था। बिल्डिंग में जो परिवार अभी मौजूद हैं, उन्‍हें बाहर निकाला जाएगा।'

7 साल में मुंबई में गिरी 3945 इमारतें
RTI कार्यकर्ता शकील शेख के मुताबिक, पिछले सात सालों (2013-2019) में मुंबई में 3945 इमारतें गिरी। इसमें 300 लोगों की मौत हुई और 1146 अन्य घायल हुए हैं। पिछले यानी साल 2019 में घरों और इमारत के ढहने की 622 घटनाएं हुईं, जिसमें 51 लोग मारे गए और 227 अन्य घायल हुए। ज्यादातर हादसे बारिश के समय हुए हैं।

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